US-Israel-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर ऐलान के तुरंत बाद ईरान पर मिसाइल हमले करने के आरोप सामने आए. जैसे ही ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की, उसी के कुछ ही पलों बाद इज़राइल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे. सिर्फ इज़राइल ही नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन में भी मिसाइल और ड्रोन हमले को लेकर अलर्ट जारी किया गया.
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका
ईरान के इस कदम से पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. Israel Defense Forces ने बताया कि दक्षिणी इज़राइल की ओर आ रही मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया. हाइफा, किरयात अटा, किरयात बियालिक, नेशर और अन्य शहरों में अलर्ट जारी किया गया. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई. हालांकि फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
बहरीन में मिसाइल अलर्ट का सायरन
युद्धविराम पर सहमति बनने की घोषणा के कुछ घंटे बाद बुधवार सुबह बहरीन में मिसाइल अलर्ट के सायरन की आवाज सुनी गई. बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की. युद्धविराम समझौते से यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि लड़ाई कब रुकेगी. घोषणा के बाद ईरान ने खाड़ी अरब देशों और इजराइल पर मिसाइलें दागी हैं. यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइल और UAV खतरों को ट्रैक और इंटरसेप्ट करने की कार्रवाई शुरू की.
बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने की पुष्टि
युद्धविराम पर सहमति बनने की घोषणा के कुछ घंटे बाद बुधवार सुबह बहरीन में मिसाइल अलर्ट के सायरन की आवाज सुनी गई. बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की. युद्धविराम समझौते से यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि लड़ाई कब रुकेगी. घोषणा के बाद ईरान ने खाड़ी अरब देशों और इजराइल पर मिसाइलें दागी हैं. यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइल और UAV खतरों को ट्रैक और इंटरसेप्ट करने की कार्रवाई शुरू की.
सोशल मीडिया पर सवाल
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है. हालांकि अभी तक न तो अमेरिका और न ही ईरान की ओर से इन हमलों पर कोई आधिकारिक बयान सामने आया है. विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धविराम के शुरुआती चरण में इस तरह की घटनाएं असामान्य नहीं होतीं, लेकिन यह स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है.
पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ समझौता
चंद घंटे पहले ही ट्रंप ने दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा करते हुए कहा था कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ है. सीजफायर के ऐलान के तुरंत बाद हुए मिसाइल अलर्ट ने पूरे समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या यह शांति कायम रहेगी या फिर एक बार फिर युद्ध भड़क सकता है.
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