दुनिया में बढ़ा खतरा! उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, अमेरिका सतर्क

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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North Korea Missile:कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर तनाव गहरा गया है. उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में दक्षिण कोरिया की ओर से ड्रोन उड़ाने की घटनाओं को लेकर खेद जताया गया था. इसके बावजूद उत्तर कोरिया ने लगातार दो मिसाइलें दागकर अपनी आक्रामक रणनीति का संकेत दिया है.

वॉनसन से लॉन्च, 240 किलोमीटर तक गई मिसाइलें

दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने सुबह करीब 8:50 बजे वॉनसन इलाके से मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगाया. इन मिसाइलों ने लगभग 240 किलोमीटर की दूरी तय की. यह इस साल उत्तर कोरिया द्वारा किया गया चौथा पुष्ट बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है, जो लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों की ओर इशारा करता है.

दक्षिण कोरिया-अमेरिका की संयुक्त निगरानी

JCS ने अपने बयान में कहा कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त रक्षा रणनीति के तहत उत्तर कोरिया की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के उकसावे का जवाब देने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है और आवश्यक सैन्य क्षमता बनाए रखी गई है.

खुफिया एजेंसियों ने साझा की जानकारी

दक्षिण कोरिया और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने इस मिसाइल प्रक्षेपण की गतिविधि को रियल टाइम में ट्रैक किया और इससे जुड़ी अहम जानकारियां आपस में साझा कीं. इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच सैन्य और खुफिया स्तर पर मजबूत समन्वय बना हुआ है.

एक दिन पहले भी हुआ था असफल परीक्षण

यह ताजा प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया ने एक दिन पहले ही प्योंगयांग इलाके से एक अज्ञात मिसाइल दागी थी. शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह मिसाइल लॉन्च के तुरंत बाद ही रडार से गायब हो गई, जिसे स्पष्ट रूप से विफल परीक्षण माना जा रहा है. इस घटना का विश्लेषण अभी भी दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है.

ड्रोन विवाद बना तनाव की वजह

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में ड्रोन से जुड़ा विवाद भी अहम माना जा रहा है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने हाल ही में उत्तर कोरिया में कुछ व्यक्तियों द्वारा ड्रोन उड़ाने की घटनाओं पर खेद व्यक्त किया था. उन्होंने कहा था कि ऐसी गतिविधियों से प्योंगयांग के साथ अनावश्यक सैन्य तनाव पैदा हो रहा है. यह बयान उस समय आया जब अभियोजकों ने सितंबर से जनवरी के बीच उत्तर कोरिया में ड्रोन उड़ाने के आरोप में तीन लोगों पर मामला दर्ज किया था.

किम यो-जोंग का सख्त संदेश

राष्ट्रपति के बयान के कुछ घंटों बाद, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने एक बयान जारी किया. उन्होंने राष्ट्रपति ली को स्पष्टवादी और उदार रवैया वाला बताया, लेकिन साथ ही सियोल को कड़ी चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया को प्योंगयांग के खिलाफ किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई बंद करनी चाहिए और शांति व सुरक्षा की बात करने के बजाय किसी भी संपर्क की कोशिश से बचना चाहिए.

पहले भी किए जा चुके हैं मिसाइल परीक्षण

उत्तर कोरिया इससे पहले 14 मार्च को भी पूर्वी सागर की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग चुका है. उस समय दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच वार्षिक सैन्य अभ्यास चल रहा था. इसके अगले दिन सरकारी मीडिया ने जानकारी दी थी कि देश ने 600 मिलीमीटर के अति-सटीक मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर के साथ सैन्य हमले का अभ्यास किया. हालांकि, ताजा दोनों मिसाइल प्रक्षेपणों को लेकर प्योंगयांग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है.

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