Iran War Live News: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब आठवें दिन में पहुंच गया है और पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. वहीं अमेरिका ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला करने की तैयारी में है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस अभियान में ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जाएगा.
नुकसान पहुंचाना मकसद
बेसेंट ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाना है. बेसेंट ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान होरमुज जलडमरूमध्य के जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर आर्थिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ कोई बातचीत या समझौता नहीं होगा.
बिना शर्त सरेंडर ही मंजूर
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को सिर्फ ईरान का बिना शर्त सरेंडर ही मंजूर है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी, सिर्फ अनकंडीशनल सरेंडर.’ उन्होंने यह भी कहा कि सरेंडर के बाद ईरान में नया नेतृत्व चुना जाएगा और अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर देश को फिर से खड़ा करने में मदद करेगा.
ताकतवर नहीं रही मौजूदा सत्ता
ट्रंप का कहना है कि ईरान की मौजूदा सत्ता अब पहले जैसी ताकतवर नहीं रही. उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों की कार्रवाई के बाद ईरान की ताकत काफी कमजोर हो चुकी है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका चाहता है कि ईरान में ऐसा नेता आए जो अमेरिका, इजरायल और मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों के साथ बेहतर संबंध रखे. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान चाहे लोकतांत्रिक राज्य बने या इस्लामिक शासन ही रहे उन्हें फर्क नहीं पड़ता.
युद्ध में मध्यस्थता की कोशिश
दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि कुछ देश इस युद्ध में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान का मानना है कि बातचीत उन देशों से होनी चाहिए जिन्होंने यह संघर्ष शुरू किया.
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