Lebanon Israel War: इजराइल ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान में भीषण हमला किया. इसी बीच इजराइल की ओर से एक मकान पर किए गए हवाई हमले में लेबनानी महिला पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई. वह इजराइल-हिजबुल्ला संघर्ष पर रिपोर्टिंग के दौरान इस मकान में शरण लिए हुए थीं. बचावकर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद उनका शव मलबे से निकाला. दक्षिणी लेबनान की रहने वाली खलील वर्ष 2006 से ‘अल-अखबार’ के लिए उस क्षेत्र से रिपोर्टिंग कर रही थीं.
संघर्ष को कवर कर रही थीं खलील
लेबनानी समाचार पत्र ‘अल-अखबार’ के अनुसार, उसकी पत्रकार अमल खलील की दक्षिणी इलाके के अल-तिरी गांव में मौत हुई. वह मार्च की शुरुआत में इजराइल और लेबनानी चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला के बीच फिर से भड़के संघर्ष को कवर कर रही थीं. वह एक सहयोगी के साथ कार से यात्रा कर रही थीं, तभी पास में इजराइली हमला हुआ. इसके बाद दोनों ने जान बचाने के लिए पास के एक मकान में शरण ली.
पहले हमले में दो लोगों की मौत
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पहले हमले में दो लोगों की मौत हो गई. कुछ देर बाद इजराइल ने उसी मकान को निशाना बनाया, जहां खलील और उनकी सहयोगी जैनब फराज ने शरण ली हुई थी. मंत्रालय ने बताया कि बचाव दल मौके पर पहुंचा और गंभीर रूप से घायल फराज को बाहर निकाल लिया गया. पहले हमले में मारे गए दो लोगों के शव भी बरामद किए गए. खलील की मौत के साथ इस वर्ष लेबनान में मारे गए पत्रकारों की संख्या नौ हो गई है.
कई घंटों तक मलबे में दबी रहीं खलील
हालांकि, जब बचावकर्मी खलील तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, तब इजराइली सेना की गोलीबारी के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा. खलील कई घंटों तक मलबे में दबी रहीं. लेबनानी सेना, सिविल डिफेंस और लेबनानी रेड क्रॉस के बचावकर्मी काफी देर बाद मौके पर पहुंच सके. हमले के छह घंटे बाद देर रात उनका शव निकाला गया. लेबनान के सूचना मंत्री पॉल मोर्कोस ने कहा कि पत्रकारों की हत्या एक अपराध है और अंतरराष्ट्रीय तथा मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है.
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