Tehran: ईरान में लंबे अंतराल के बाद इंटरनेट सेवा फिर से बहाल करने का आदेश दे दिया गया है. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks के अनुसार ईरान में करीब 87 दिनों तक लगभग पूरा इंटरनेट ब्लैकआउट रहा. सरकारी प्रवक्ता फ़ातिमा मोहजेरानी ने कहा कि ईरान सरकार ने लंबे समय से चले आ रहे इंटरनेट प्रतिबंधों को हटाने का बड़ा फैसला लिया है. राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट सेवा बहाल करने के आदेश दे दिए हैं.
इंटरनेट सेवा बहाल करने की सिफारिश
उन्होंने बताया कि साइबरस्पेस टास्क फोर्स की बैठक के बाद इंटरनेट सेवा बहाल करने की सिफारिश की गई थी. यह प्रतिबंध उस समय लगाए गए थे जब देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे थे और अमेरिका-इजराइल के साथ तनाव बढ़ गया था. इन प्रतिबंधों का असर आम लोगों और ऑनलाइन कारोबार पर भारी पड़ा. इंटरनेट बंद होने से लोगों की सूचना तक पहुंच प्रभावित हुई. ऑनलाइन बिजनेस ठप हो गए. डिजिटल पेमेंट और कम्युनिकेशन सिस्टम पर असर पड़ा.
अन्याय और भेदभाव को खत्म करने के लिए गंभीर
सरकार अब दावा कर रही है कि लोगों को उनका मौलिक अधिकार वापस दिया जाएगा. फातिमेह मोहजेरानी ने कहा कि सरकार इंटरनेट पर लगे अन्याय और भेदभाव को खत्म करने के लिए गंभीर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले कुछ दिनों में इंटरनेट सेवा सामान्य हो जाएगी. इसी बीच मोजतबा खामेनेई ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अब यह क्षेत्र अमेरिकी ठिकानों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा. अमेरिका के बहरीन, कुवैत, इराक, UAE और कतर समेत कई देशों में सैन्य अड्डे मौजूद हैं.
बिना किसी टोल के खुला होना चाहिए होर्मुज
मार्को रूबियो ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा कथित टोल वसूली की आलोचना की. उन्होंने कहा “होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी टोल के खुला होना चाहिए.” रुबियो ने इसे गैरकानूनी और अस्वीकार्य बताया. रुबियो ने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र के कई नेताओं से बातचीत की है और एक संभावित समझौते पर शुरुआती सहमति बन चुकी है. उन्होंने संकेत दिया कि या तो कुछ दिनों में समझौता होगा या फिर बातचीत पूरी तरह टूट सकती है.
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