US-Iran War: अमेरिका ने बुधवार तड़के लगातार 11वीं रात ईरान के पांच शहरों चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह पर एयर और मिसाइल हमले किए. इन हमलों में कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अमेरिका जल्द ही ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकाने पिकएक्स माउंटेन पर बहुत बड़ा और बेहद भारी हमला कर सकता है.
युद्ध का दायरा और बढ़ा देगा ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है. सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका लगातार ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है. इसके जवाब में ईरान ने कहा कि यदि हमले जारी रहे तो वह पूरे क्षेत्र में युद्ध का दायरा और बढ़ा देगा. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि अब तक इस युद्ध अभियान पर अमेरिका का खर्च 37.5 अरब डॉलर (करीब 3.6 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच चुका है.
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी तनाव का असर
यह राशि लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई और तैनाती के कारण बढ़ रही है. अमेरिका-ईरान तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 92.01 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि WTI क्रूड 85.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. लगातार बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है. ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने पश्चिमी कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे कैंप दोहा पर ड्रोन हमला किया है.
सैन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं को निशाना बनाया
ईरान के अनुसार, हमले में गोला-बारूद डिपो और सैन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यदि ईरान गंभीरता से बातचीत करना चाहता है तो अमेरिका भी तैयार है. उन्होंने कहा कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अपने और सहयोगी देशों के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा.
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