Iran-US Ceasefire Agreement: अमेरिका और ईरान में तनाव खत्म होने जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि दोनों देश युद्धविराम यानी सीजफायर समझौते पर राजी हो गए हैं. पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और ईरानी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से यह जानकारी रूसी एजेंसी RIA नोवोस्ती ने दी है. सीजफायर के समझौते की खबर उसी वक्त आई है, जब अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक पाबंदियां बढ़ाई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही की अनुमति भी शामिल है, जो इस पूरे संघर्ष का मुख्य मुद्दा बना हुआ था.
समझौते की आधिकारिक घोषणा
अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते की आधिकारिक घोषणा आने वाले दिनों में की जा सकती है. हालांकि अभी तक दोनों देशों की ओर से इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है और यहां से बड़ी मात्रा में तेल तथा अन्य ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है. अगर यह समझौता लागू होता है, तो इससे क्षेत्र में जारी तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ सकती है.
तेल आपूर्ति को लेकर खुशखबरी मिलने की उम्मीद
खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर बड़ी खुशखबरी मिलने की उम्मीद है. अमेरिका ने ईरान का आर्थिक रूप से गला दबाने का प्लान तैयार कर लिया था, जिसके बाद कुछ ऐसे सैंक्शंस लगाए गए, जो उसे ग्लोबली अलग-थलग करने वाले थे. ज्यादातर देश अब भी ईरान से व्यापार नहीं करते थे लेकिन पश्चिम एशिया, दक्षिण एशिया के अलावा रूस ऐसा देश था, जो ईरान के साथ आर्थिक रिश्ते बनाए हुए था.
ईरान को तगड़ा नुकसान
अमेरिका की नई पाबंदियां इन देशों से जुड़ी हुई कंपनियों पर एक्शन लेने वाली थीं और इससे ईरान को तगड़ा नुकसान पहुंचने वाला था. ऐसे में अमेरिका को उम्मीद थी कि ईरान इस कदम के बाद समझौते की मेज तक पहुंच जाएगा.
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