Iran-US Clash: ईरान और अमेरिका के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. परमाणु समझौते पर ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों देशों के बीच पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सख्त बयान दिया है.
ट्रंप ने कहा कि 47 वर्षों से ईरान केवल वार्ता को टालता रहा है, जबकि कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है. हम इसे हमेशा के लिए सुलझा देंगे. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोड को पश्चिम एशिया की तरफ मोड़ने का फैसला किया है.
47 साल से चल रही सिर्फ बातें
उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी, जो हो सकती है. उन्होंने कहा कि ’47 साल से वे बस बातें करते आ रहे हैं. उनकी बातों के चलते हमने कई जानें गंवा दी हैं. देखते हैं आगे क्या होता है? हम इसका सामना करेंगे. इसे एक बार और हमेशा के लिए सुलझा लें, और यही अच्छा होगा.’ इसी के साथ ट्रंप ने आगे कहा कि एक युद्धपोत और वहां पहुंच रहा है, जबकि एक पहले से वहां मौजूद है.
‘समझौता नहीं हुआ तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी’
ट्रंप ने कहा कि अभी हमारे सामने ऐसी स्थिति है कि हमने ईरान में एक बहुत बड़ा विमानवाहक पोत भेजा है. मैं देखना चाहूंगा कि क्या हम कोई समझौता कर सकते हैं. उनके साथ समझौता करना मुश्किल रहा है. उन्होंने कहा कि मुझे लगा था कि पिछली बार समझौता हो गया होगा.’ दूसरे विमानवाहक पोत के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ‘अगर समझौता नहीं हुआ तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी.’ उन्होंने आगे बताया कि यह बहुत जल्द रवाना होगा.
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