UNSC में ईरान की निंदा वाले प्रस्ताव का UAE ने किया स्वागत, तुरंत हमले रोकने की उठाई मांग

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran US Conflict: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी ने बुधवार को खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के खिलाफ प्रस्ताव को पारित कर दिया. ईरान के खिलाफ ये प्रस्ताव बहरीन की ओर से रखा गया, जिसमें खाड़ी देशों पर ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की गई. यूएन के इस प्रस्ताव का समर्थन करने के साथ ही यूएई ने मांग की है कि ईरान इन हमलों को तुरंत रोके.

यूएन में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि एम्बेसडर मोहम्मद अबुशाहाब ने सुरक्षा परिषद की ओर से उठाए गए कदम का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “135 देशों द्वारा को-स्पॉन्सर किए गए इस प्रस्ताव को अपनाने से एक साफ और एक जैसा संदेश जाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारी संप्रभुता पर हमलों या आम लोगों और जरूरी ढांचों को जानबूझकर टारगेट करने को बर्दाश्त नहीं करेगी.

यूएई ने यूएनएससी का अदा किया शुक्रिया  

उन्‍होंने कहा कि यूएई इस मुश्किल समय में अपने और हमारे इलाके के नेतृत्व और लोगों के साथ खड़े रहने के लिए यूएनएससी का शुक्रिया अदा करता है. हम अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने, स्थिरता और अपने इलाके में और ज्यादा तनाव को रोकने के लिए यूएन और अपने साथियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

यूएई की सरकार ने कहा कि इस प्रस्ताव का नेतृत्व खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में शामिल बहरीन ने किया था. यूएई इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में बहरीन की काबिलियत के लिए बहुत शुक्रिया अदा करता है.

क्‍या है यूएनएससी का प्रस्‍ताव?

संयुक्‍त राष्‍ट्र के प्रस्‍ताव के मुताबिक, ईरान की ओर से किए जा रहे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा भी हैं. यूएई सरकार ने बताया कि प्रस्ताव में मांग की गई है कि ईरान तुरंत और बिना किसी शर्त के पड़ोसी देशों को उकसाने या धमकी देने का कोई भी तरीका बंद करे.

वहीं, कतर सरकार का कहना है कि “यूएन में पेश किया गया यह प्रस्ताव ईरानी हमलों के जवाब में सेल्फ डिफेंस के अधिकार की भी पुष्टि करता है, जिसे यूनाइटेड नेशंस चार्टर के आर्टिकल 51 में मान्यता दी गई है.”

यूएई ने की ये मांग

यूएई ने मांग की है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से माने, खासकर हथियारों वाली लड़ाई में आम लोगों और आम चीजों की सुरक्षा के मामले में और ऐसी किसी भी धमकी या काम से दूर रहे जो इलाके की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर रहा है.

जीसीसी देशों और यूएई ने यूएनएससी के अध्यक्ष को भेजी चिट्ठी

इस प्रस्ताव को अपनाने से पहले जीसीसी देशों और यूएई ने यूएनएससी के अध्यक्ष और अमेरिकी सेक्रेटरी-जनरल को कई चिट्ठी भी भेजी थी. इन चिट्ठियों में यूएई और बड़े इलाके पर ईरान के हमलों के पैमाने और उसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया था.

यूएनएससी समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की गई थी. यूएई सरकार ने कहा है कि ईरान अपने गैरकानूनी हथियारों से किए गए हमलों की वजह से प्रभावित देशों को हुए सभी नुकसान के लिए जिम्मेदार है.

इसे भी पढें:- ‘ईरान को एक घंटे के भीतर खत्म कर सकते हैं…’, मिडिल ईस्‍ट में तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

Latest News

LPG Panic Booking: युद्ध की खबरों से देश में गैस बुकिंग रिकॉर्ड स्तर पर, एक दिन में 75 लाख से ज्यादा सिलेंडर बुक

ईरान-इजरायल तनाव के बीच देश में LPG सिलेंडर की बुकिंग में अचानक उछाल देखने को मिला है. 12 मार्च को रिकॉर्ड 75.7 लाख सिलेंडर बुक हुए, लेकिन सरकार ने कहा कि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है.

More Articles Like This