Iran US War Ceasefire: अमेरिका ने ईरान की फ्रीज संपत्तियों को बहाल करने से इनकार कर दिया है. अमेरिका की ओर से साफ कहा गया है कि उसने कोई शर्त न मानी है और न ही ईरान की संपत्तियों को अनफ्रीज किया है. इससे पहले खबरें आ रही थीं कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज यानि जमी हुई संपत्तियों को बहाल करने की मंजूरी दे दी है. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से खबर आई कि अमेरिका कतर और दूसरे विदेशी बैंकों से ईरान की फ्रीज एसेट जारी करने पर सहमत हुआ है लेकिन अब अमेरिका ने इससे इनकार कर दिया है.
अमेरिका पर भरोसा नहीं
इस्लामाबाद में पाकिस्तान ने किसी तरह से अमेरिका और ईरानी प्रतिनिधिमंडल को बुला तो लिया है लेकिन उन्हें एक साथ बिठाने में उसके पसीने छूट रहे हैं. हालात ये हैं कि ठीक वार्ता के समय से पहले ईरान की ओर से अपनी अकड़ दिखाते हुए कहा गया है कि उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है. तेहरान से लगातार ये संदेश आ रहे हैं कि वार्ता के दौरान भी उनके सैनिकों की उंगलियां ट्रिगर पर होंगी और एक गलत कदम इतनी मेहनत पर पानी फेर सकता है.
दो शर्तों का पूरा होना जरूरी
ईरान ने साफ कर दिया है कि शांति वार्ता में शामिल होने के लिए दो शर्तों का पूरा होना जरूरी है-लेबनान और इजरायल के बीच पूर्ण युद्धविराम (सीजफायर), ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को तुरंत रिलीज किया जाए. ईरान ने कहा है कि इन शर्तों के बिना किसी भी आगे की बातचीत का कोई मतलब नहीं है. इस्लामाबाद पहुंचने पर ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने स्पष्ट कहा कि उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है.
ईरान के खिलाफ कार्रवाई की
उन्होंने कहा कि पिछले वार्ताओं में ईरान की अच्छी नीयत के बावजूद उन पर हमले हुए और युद्ध जैसी परिस्थितियां पैदा की गईं. गालिबाफ ने कहा कि हमारी मंशा अच्छी है, लेकिन हमें अमेरिका पर भरोसा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान ईरान के खिलाफ कार्रवाई की गई और युद्ध अपराध तक हुए.
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