US-Iran War: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने तनाव के बीच अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. अरागची ने सोशल मीडिया पर कहा कि युद्ध के मैदान में असफल रहने के बावजूद अमेरिका ने ईरान के संकल्प को परखने की कोशिश की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगी. अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र से दूर चले जाएं.
फारस की खाड़ी का इतिहास
अरागची ने आगे कहा कि फारस की खाड़ी का इतिहास ऐसे कई उदाहरणों से भरा पड़ा है, जहां बाहरी ताकतों को हस्तक्षेप की भारी कीमत चुकानी पड़ी है. उनके इस बयान को अमेरिका के लिए कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल के घटनाक्रमों ने पश्चिम एशिया में तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है.
ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में सैन्य हमले किए हैं. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर एक अमेरिकी अटैक हेलीकॉप्टर के कथित रूप से ईरानी बलों द्वारा मार गिराए जाने के जवाब में की गई. वहीं ईरान ने अमेरिकी आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा था कि अमेरिकी हेलीकॉप्टर को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था.
दक्षिणी ईरान के जास्क और सीरिक इलाकों में हमले
उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि तेहरान फिलहाल सीधे टकराव को और बढ़ाने से बचना चाहता है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के जास्क और सीरिक इलाकों में हमले किए, जिनमें एक दूरसंचार टावर भी क्षतिग्रस्त हुआ. इसके जवाब में IRGC ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सैन्य संसाधनों पर ड्रोन हमले किए हैं. ईरान ने यह भी कहा कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों समेत कई अहम लक्ष्यों को निशाना बनाया.
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