Tehran: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है. इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है. कहा है कि ईरानी तेल टैंकरों या वाणिज्यिक पोतों पर कोई भी हमला होने पर इसका जवाब क्षेत्र में स्थित किसी अमेरिकी सैन्य अड्डे और दुश्मन के पोतों पर ‘भीषण हमलों से दिया जाएगा. इससे एक दिन पहले अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर हमला किया था.
ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार
इसके बावजूद युद्धविराम फिलहाल बरकरार नजर आ रहा है. अमेरिका युद्ध समाप्त करने, जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने से जुड़े समझौते के अपने ताजा प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है. अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरान के उन दो टैंकर को निशाना बनाया, जो ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.
नौसेना के तीन पोतों पर हमलों को नाकाम
इससे कुछ घंटे पहले सेना ने कहा था कि उसने नौसेना के तीन पोतों पर हमलों को नाकाम किया और जवाबी कार्रवाई में जलडमरूमध्य में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि उसके तेल टैंकरों या वाणिज्यिक पोतों पर कोई भी हमला होने पर इसका जवाब क्षेत्र में स्थित किसी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर और दुश्मन के पोतों पर भीषण हमलों से दिया जाएगा.
जलडमरूमध्य जलमार्ग काफी हद तक अवरुद्ध
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को युद्ध शुरू किए जाने के बाद से ईरान ने वैश्विक ऊर्जा के लिए अहम जलडमरूमध्य जलमार्ग को काफी हद तक अवरुद्ध कर रखा है, जिससे ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर तेज वृद्धि हुई है. अमेरिका ने भी ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में एक युद्धपोत तैनात कर रहा है ताकि वह शत्रुता समाप्त होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा के लिए संभावित मिशन में शामिल हो सके.
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