Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे डर और हिंसा के सहारे शासन करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए मौजूदा नेतृत्व दमन का सहारा लेता है और देश को बर्बादी की ओर ले गया है. ट्रंप का यह बयान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन की कड़ी चेतावनी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई पर कोई भी हमला हुआ तो उसे पूरे ईरानी राष्ट्र के खिलाफ खुला युद्ध माना जाएगा.
तेहरान और वॉशिंगटन के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण
बता दें कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बाद से तेहरान और वॉशिंगटन के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस दौरान अमेरिका की कड़ा दबाव बनाने की नीति जारी रही है और दोनों देशों के नेताओं के बीच शब्दों की जंग अक्सर देखने को मिल रही है. पेज़ेशकियन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि हमारे महान नेता पर हमला ईरान के खिलाफ पूरी जंग जैसा होगा. तनाव इसलिए बढ़ गया है क्योंकि ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अब ईरान में नए नेतृत्व की जरूरत है.
हमारे महान नेता पर कोई भी हमला ईरानी राष्ट्र के खिलाफ
ईरानी राष्ट्रपति ने लिखा कि हमारे महान नेता पर कोई भी हमला ईरानी राष्ट्र के खिलाफ पूरी तरह से युद्ध के बराबर होगा. उन्होंने देश की आर्थिक परेशानियों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की पुरानी दुश्मनी और अमानवीय प्रतिबंधों की वजह से ईरान की जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
मौतों और नुकसान के लिए ट्रंप जिम्मेदार
इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप को अपराधी कहा था. उन्होंने आरोप लगाया था कि ईरान में हाल के अशांत दौर में हुई मौतों और नुकसान के लिए ट्रंप जिम्मेदार हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ईरान में दशकों से चला आ रहा नेतृत्व अब खत्म होना चाहिए और देश को नया नेतृत्व मिलना चाहिए. ट्रंप के अनुसार ईरान में हाल के हफ्तों में हुए विरोध-प्रदर्शन जनता के गुस्से का नतीजा हैं जो राजनीतिक दबावए आर्थिक संकट और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा है.
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