Highlights
- जापान में एक महिला पर अपनी 42 वर्षीय रूममेट के होंठ सुई और धागे से सिलने का आरोप लगा है.
- पीड़िता किसी तरह घर से भागकर एक दुकान पहुंची और कागज पर पूरी आपबीती लिखकर मदद मांगी.
- पुलिस ने 49 वर्षीय आरोपी मसाए सकुराई को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
- शुरुआती जांच में सामने आया कि पीड़िता लंबे समय से आरोपी के घर में रह रही थी और कथित तौर पर डर के साए में जीवन बिता रही थी.
- पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी का घर जरूरतमंद लोगों की मदद का ठिकाना था या किसी बड़े उत्पीड़न का अड्डा.
Japan Lip Stitching Case: जरा सोचिए, अगर कोई इंसान असहनीय दर्द से तड़प रहा हो, उसके होंठ सिले हों और वह चाहकर भी अपनी तकलीफ किसी को बता न सके. फिर किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले और कागज पर अपनी दर्दभरी कहानी लिखकर मदद मांगे. जापान से सामने आया यह मामला कुछ ऐसा ही है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. एक महिला पर अपनी ही रूममेट के होंठ सुई और धागे से सिलने का आरोप लगा है. पीड़िता की लिखी आपबीती पढ़ने के बाद दुकानदार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ.
दुकान पहुंची पीड़िता, बोल नहीं सकी तो कागज पर लिखी पूरी कहानी
रिपोर्ट के मुताबिक, 49 वर्षीय आरोपी महिला की पहचान मसाए सकुराई के रूप में हुई है. घटना के बाद पीड़िता लहूलुहान हालत में एक नजदीकी दुकान पर पहुंची, लेकिन होंठ सिले होने की वजह से वह कुछ भी बोल नहीं पा रही थी. दुकानदार ने उसकी हालत देखकर तुरंत उसे कागज और पेन दिया. इसके बाद महिला ने लिखकर बताया कि उसके साथ क्या हुआ है. पूरी बात पढ़ते ही दुकानदार हैरान रह गया और उसने बिना देरी किए पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की.
29 जून को हुई थी कथित वारदात
पुलिस के अनुसार यह कथित घटना 29 जून को हुई थी. पीड़िता अप्रैल 2025 से आरोपी महिला के घर में रह रही थी. कई दिनों तक दर्द और प्रताड़ना झेलने के बाद उसे घर से भागने का मौका मिला, जिसके बाद वह सीधे मदद मांगने पहुंची. पुलिस ने आरोपी मसाए सकुराई को गिरफ्तार कर लिया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
मदद के नाम पर चल रहा था कुछ और?
जांच के दौरान सामने आई जानकारी ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है. बताया जा रहा है कि आरोपी महिला जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को अपने घर में रहने की जगह देती थी. पड़ोसियों के अनुसार उसके घर में अक्सर कई महिलाएं और युवक आते-जाते दिखाई देते थे. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह वास्तव में जरूरतमंद लोगों के लिए शेल्टर था या फिर इसकी आड़ में लोगों के साथ प्रताड़ना या किसी अन्य अवैध गतिविधि को अंजाम दिया जा रहा था.
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़िता लंबे समय से आरोपी के घर में रह रही थी और कथित तौर पर बेहद डरी हुई थी. इसी वजह से वह पहले वहां से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सकी. फिलहाल पुलिस ने यह जानकारी साझा नहीं की है कि आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया है या नहीं. साथ ही घटना के समय घर में और कौन-कौन मौजूद था, इसकी भी जांच की जा रही है. मामले के पीछे की असली वजह और पूरी सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस की जांच जारी है.
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