US-Iran War: ईरान ने जॉर्डन की ओर तीन मिसाइलें दागीं. हालांकि जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने तीनों मिसाइलों को देश की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया. जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना ने कहा कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी बाहरी खतरे का कड़ा जवाब दिया जाएगा. फिलहाल मिसाइलों से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.
दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अधिक गंभीर होता जा रहा है. अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू किए जाने के बाद ईरान ने बुधवार को जॉर्डन की ओर तीन मिसाइलें दागीं. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तेज कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका, ईरान, जॉर्डन और खाड़ी देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया में बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है.
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित
इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ दोबारा नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की थी. अमेरिका का आरोप है कि ईरान लगातार अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों को निशाना बना रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ईरानी सैन्य ठिकानों तथा समुद्री हमलों में शामिल ठिकानों पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं.
हमले के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है. पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में कई हमले हो चुके हैं. ईरानी मिसाइल हमले के बाद जॉर्डन ने पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. सेना ने वायु रक्षा इकाइयों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है, जबकि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. नागरिकों से भी सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
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