Highlights
- भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आज से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया.
- ब्रिटेन से आने वाली स्कॉच, व्हिस्की, जिन, लग्जरी कारें और कई अन्य उत्पाद आयात शुल्क में कटौती के बाद सस्ते हो सकते हैं.
- भारतीय उत्पादों को यूके के बाजार में 99% तक शून्य शुल्क (Zero Tariff) का लाभ मिलेगा, जिससे निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी.
- टेक्सटाइल, फुटवियर, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन और फूड प्रोडक्ट्स जैसे सेक्टरों के निर्यात को इस समझौते से बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
- आयात और निर्यात पर टैरिफ में कमी से भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई रफ्तार मिलने की संभावना है.
India-UK Free Trade Deal 2026: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच लंबे समय से जिस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का इंतजार किया जा रहा था, वह अब आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है. इस समझौते के साथ दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है. इस डील का असर केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी दिखाई देगा. ब्रिटेन से भारत आने वाले कई प्रोडक्ट्स पहले के मुकाबले सस्ते हो सकते हैं, वहीं भारतीय कंपनियों को UK के विशाल बाजार में बिना अतिरिक्त शुल्क के अपने उत्पाद बेचने का बड़ा मौका मिलेगा.
स्कॉच और व्हिस्की के शौकीनों को मिलेगी बड़ी राहत
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के अनुसार, इस FTA का सबसे बड़ा फायदा ब्रिटिश स्कॉच और व्हिस्की इंडस्ट्री को मिलने वाला है. अभी तक भारत में ब्रिटेन से आयात होने वाली स्कॉच, व्हिस्की और जिन (Gin) पर 150% तक इम्पोर्ट ड्यूटी लगती थी. अब समझौते के तहत इस शुल्क को पहले चरण में 75% तक लाया जाएगा और आगे चलकर इसे 40% तक घटाया जाएगा.
इम्पोर्ट ड्यूटी में इस बड़ी कटौती का सीधा असर कीमतों पर पड़ेगा. अनुमान है कि जो स्कॉच व्हिस्की की बोतल अभी लगभग 5,000 रुपये में बिकती है, उसकी कीमत घटकर करीब 3,500 रुपये के आसपास पहुंच सकती है. इससे प्रीमियम विदेशी शराब खरीदने वाले ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है.
लग्जरी कारें भी होंगी पहले से ज्यादा किफायती
भारत-UK FTA के तहत लग्जरी कारों पर भी बड़ा फैसला लिया गया है. कोटा सिस्टम के अंतर्गत जगुआर लैंड रोवर, रोल्स-रॉयस और बेंटले जैसी ब्रिटिश लग्जरी कारों पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी 100% से घटाकर केवल 10% कर दी गई है. पहले वर्ष 20,000 कारों को इस रियायती शुल्क के साथ भारत में आयात करने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा 1500cc से 3000cc इंजन क्षमता वाली 5,000 कारों पर इम्पोर्ट ड्यूटी 66% से घटाकर 50% कर दी गई है. आने वाले वर्षों में इसमें और कमी की जाएगी. ऐसे में कई प्रीमियम कारों की कीमतों में 20% से 30% तक गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है.
कॉस्मेटिक्स, चॉकलेट और दूसरे आयातित सामान भी होंगे सस्ते
इस समझौते का फायदा केवल शराब और लग्जरी कारों तक सीमित नहीं रहेगा. ब्रिटिश ब्यूटी प्रोडक्ट्स और कॉस्मेटिक्स ब्रांड्स पर लगने वाला टैरिफ 15% से घटाकर सिर्फ 3% कर दिया गया है. इससे इन उत्पादों की कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है. इसके अलावा ब्रिटेन से आयात होने वाली चॉकलेट्स, बिस्किट्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, सैल्मन फिश और कई अन्य खाद्य उत्पाद भी पहले की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं. इससे विदेशी ब्रांड्स पसंद करने वाले ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा.
भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए अवसर
यह समझौता केवल ब्रिटेन के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी बड़ी आर्थिक उपलब्धि माना जा रहा है. FTA लागू होने के बाद भारत से UK भेजे जाने वाले लगभग 99% उत्पादों को जीरो टैरिफ का लाभ मिलेगा. यानी भारतीय निर्यातकों को अधिकांश उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी नहीं चुकानी पड़ेगी. पहले भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट्स पर 12%, बेस मेटल्स पर 10% और केमिकल्स पर 8% तक कस्टम ड्यूटी लगती थी. अब इन क्षेत्रों को राहत मिलने से भारतीय उत्पाद ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी और किफायती बनेंगे.
इन सेक्टरों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
जीरो-टैरिफ व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ भारत के टेक्सटाइल, फुटवियर, लेदर, फूड प्रोडक्ट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी और मरीन प्रोडक्ट्स सेक्टर को मिलने की उम्मीद है. कम लागत पर UK बाजार तक पहुंच मिलने से इन उत्पादों की मांग बढ़ सकती है. इससे भारतीय निर्यात में तेजी आने के साथ-साथ घरेलू उद्योगों और निर्यातक कंपनियों को भी बड़ा फायदा मिलने की संभावना है.
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