New Delhi: अनुभवी भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने इतिहास रच दिया है. दो बार की ओलंपिक चैंपियन सिंधु अब जापान ओपन 2026 के फाइनल में पहुंच गई हैं. बीते 15 साल में ये कमाल करने वाली वह पहली महिला खिलाड़ी बनीं हैं. तोक्यो ओलंपिक चैंपियन और चौथी वरीयता प्राप्त चीन की युफेइ के खिलाफ लगातार पांच हार के बाद सिंधु की ये पहली जीत है. सिंधु को युफेइ के खिलाफ पिछले सात साल से जीत का इंतजार था.
इंजरी के चलते हार मान ली
सिंधु इस सेमीफाइनल में जब 21-19 और 15-10 से आगे चल रही थी तभी चीनी प्लेयर ने इंजरी के चलते हार मान ली और आगे मैच न खेलने का फैसला कर लिया. अब सिंधु की नजर खिताब जीतकर अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ने पर है. इससे पहले पीवी क्वार्टर फाइनल में भी सिंधु को बिना खेले ही जीत मिल गई थी क्योंकि पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा ने नाम वापस ले लिया था.
टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची
इतना ही नहीं सिंधु करीब डेढ़ साल बाद किसी BWF वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं. इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल के फाइनल में जगह बनाई थी. सिंधु के करियर में यह सिर्फ दूसरा मौका है, जब वह किसी सुपर 750 या उससे बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं, इससे पहले उन्होंने 2017 इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 के फाइनल में जगह बनाई थी.
पीवी सिंधु का सामना दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा
अब रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले में पीवी सिंधु का सामना दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा. दूसरा सेमीफाइनल जापान की अकाने यामागुची और इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दनी के बीच खेला जाना है. इस धमाकेदार प्रदर्शन के बाद फैंस को उम्मीद है कि सिंधु अपने इस शानदार फॉर्म को फाइनल में भी जारी रखेंगी और साल का अपना पहला खिताब देश के नाम करेंगी.
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