Washington: Jeffrey Epstein की मौत को लेकर बड़े दावे किए गए हैं. ऐसे में यह विवाद एक बार फिर तेज हो गया है. हाल ही में नए दस्तावेज़ों, वीडियो फुटेज और अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषक और पत्रकार Mario Nawfal द्वारा लिए जा रहे इंटरव्यूज़ में हुए खुलासों ने कई सवाल खड़ा कर दिए हैं. प्रश्न यही है कि क्या एप्सटीन की मौत से जुड़ी आधिकारिक कहानी पूरी तरह सही है?
आरोप अभी सार्वजनिक बहस और जांच के दायरे में
ये सभी दावे और आरोप अभी सार्वजनिक बहस और जांच के दायरे में हैं. इसे किसी अदालत द्वारा स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता. एक इंटरव्यू में फॉरेंसिक विश्लेषक डॉ. गैरीसन ने दावा किया कि अस्पताल से बाहर ले जाए गए जिस शव की तस्वीरें मीडिया में आई थीं, उसके कान और नाक एप्सटीन से मेल नहीं खाते.
प्रेस को गुमराह करने के लिए नकली शव इस्तेमाल
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया फाइलों में FBI ने स्वीकार किया है कि प्रेस को गुमराह करने के लिए एक डिकॉय (नकली) शव इस्तेमाल किया गया. डॉ. गैरीसन के अनुसार एप्सटीन की ऑटोप्सी रिपोर्ट में कई अहम विवरण गायब हैं. रिपोर्ट में उन्हें सामान्य खतना किया हुआ पुरुष बताया गया, जबकि पीड़िताओं ने उनके शरीर को अलग और विकृत बताया था.
मौत से एक दिन पहले की तारीख
एक और बड़ा सवाल यह है कि एप्सटीन की मौत की घोषणा से जुड़ी एफबीआई प्रेस रिलीज़ कथित तौर पर मौत से एक दिन पहले की तारीख की बताई जा रही है. इंटरव्यू में यह भी दावा किया गया कि जिस जेल में एप्सटीन बंद थे, वहां के कैमरे उसी समय काम करना बंद कर गए जब वे वापस लाए गए और उनकी मौत के अगले दिन फिर से ठीक हो गए.
नवीनतम फाइलों में ईमेल्स का जिक्र
डॉ. गैरीसन का कहना है कि उन्होंने ऐसे फुटेज भी खोजे हैं, जिनके बारे में Department of Justice ने पहले दावा किया था कि वे रिकॉर्ड ही नहीं हो रहे थे. नवीनतम फाइलों में ऐसे ईमेल्स का जिक्र है जिनमें पिज़्ज़ा, चीज़, बीफ जर्की, श्रिम्प और व्हाइट शार्क जैसे शब्द अजीब संदर्भों में इस्तेमाल हुए हैं. फॉरेंसिक विश्लेषक का दावा है कि ये शब्द कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों के लिए कोड थे. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है.
एक बार फिर बहस छेड़ दी बहस
इन सभी इंटरव्यूज़ और फाइलों ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि एप्सटीन की मौत के मामले में अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं. हर नई जानकारी सच्चाई साफ करने के बजाय और संदेह पैदा कर रही है. हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से इन दावों पर कोई नया आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है.
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