Karachi Blast: पाकिस्तान के सिंध प्रांत की राजधानी कराची एक बार फिर दर्दनाक हादसे के कारण सुर्खियों में है. रविवार को एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत के 10वें फ्लोर पर गैस सिलेंडर फटने से 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग झुलस गए. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह विस्फोट कराची के हैदरी क्षेत्र के पास नॉर्थ नजीमाबाद स्थित एक अपार्टमेंट में हुआ. पुलिस और रेस्क्यू अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि धमाका अचानक हुआ, जिससे इमारत में आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई.
किशोर की मौत, कई लोग गंभीर
आग की चपेट में आए 15–16 साल के किशोर की मौत हो गई. इस दुखद हादसे में एक महिला और एक बच्चे समेत पांच लोग झुलस गए. रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि मलबे से बुरहान नाम के लड़के का शव मिला. डिप्टी कमिश्नर सेंट्रल ताहा सलीम ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि इस घटना में पांच लोग झुलसे हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सहरी के समय हुआ जोरदार धमाका
प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के मुताबिक, रेस्क्यू-1122 के प्रवक्ता हसनुल हसीब खान ने बताया कि विस्फोट ब्लॉक-E स्थित बिस्मिल्लाह रेजीडेंसी की ऊपरी मंजिल पर सहरी के समय हुआ. धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई. उन्होंने कहा कि विस्फोट के बाद दो फ्लैट आग की चपेट में आ गए. हालांकि बाद में दमकल टीम ने आग पर काबू पा लिया और कूलिंग ऑपरेशन भी पूरा कर लिया गया.
इस बीच, पाकिस्तान की सामाजिक कल्याण संस्था ईधी फाउंडेशन के प्रवक्ता ने बताया कि घायलों में 70 वर्षीय बुजुर्ग और चार साल की एक बच्ची भी शामिल है. सभी झुलसे हुए लोगों को इलाज के लिए कराची के सिविल हॉस्पिटल स्थित बर्न्स सेंटर में भर्ती कराया गया है.
गंभीर रूप से झुलसे कई लोग
पुलिस सर्जन डॉ. सुम्मैया सैयद ने डॉन को बताया कि एक व्यक्ति 95 प्रतिशत जबकि दूसरा 81 प्रतिशत तक झुलस गया है. चार साल की बच्ची लगभग 31 प्रतिशत तक झुलसी है. कराची में हाल के हफ्तों में आग और धमाके की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. इसी सप्ताह की शुरुआत में सोल्जर बाजार नंबर 3 में एक तीन मंजिला इमारत में सिलेंडर धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें चार बच्चे और छह महिलाएं शामिल थीं. वहीं इमारत का एक हिस्सा गिरने से 14 अन्य लोग घायल हो गए थे.
बढ़ती आग की घटनाएं चिंता का कारण
द न्यूज के आंकड़ों के अनुसार, केवल जनवरी महीने में ही कराची में आग लगने की 225 घटनाएं दर्ज की गईं. इन हादसों में भारी नुकसान हुआ, कई लोग झुलसे और कई लोगों की जान भी चली गई.