सभी पाकिस्‍तानियों के रद्द हो वीजा और ग्रीन कार्ड, अमेरिकी दूतावास के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद उठी मांग

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Karachi protests: ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुए. जिसके बाद एक अमेरिकी रूढ़िवादी (कंजरवेटिव) कार्यकर्ता ने अमेरिका के विदेश विभाग से बड़ी मांग की. उन्‍होंने कहा कि पाकिस्तानियों के सभी वीजा, यहां तक कि ग्रीन कार्ड भी रद्द कर दिए जाएं.

लॉरा लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री मार्को रुबियो को टैग करते हुए लिखा कि “अमेरिकी विदेश विभाग को पाकिस्तानियों के सभी वीजा और ग्रीन कार्ड भी जब तक संभव हो, निलंबित कर देने चाहिए.”

छह प्रदर्शनकारियों की मौत, कई घायल

उनकी यह मांग कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास परिसर के बाहर हिंसक प्रदर्शन और झड़पों की खबरों के बाद आई है. लूमर ने दावा किया कि पाकिस्तान में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत से नाराज छह प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए, ये लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के कड़ी सुरक्षा वाले परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दोपहर दोबारा घुसने की कोशिश करने के दौरान कई अन्य लोगों को गोली लगी और उनकी मौत हो गई.”

दूतावास पर कब्‍जा करने की कोशिश में गई जान

लूमर ने लिखा कि “ईरान पर अमेरिकी हमलों के बदले के रूप में दूतावास पर कब्जा करने की कोशिश करने के बाद पाकिस्तान में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर तैनात अमेरिकी मरीन द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादियों को मौके पर ही गोली मार दी जा रही है.”

हालांकि, जानकारी में हताहतों की संख्या या गोलीबारी की परिस्थितियों की पुष्टि नहीं हुई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई अमेरिकी मरीन की तरफ से की गई है या स्थानीय पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इसे अंजाम दिया है.

लूमर ने की पाकिस्‍तान की कड़ी आलोचना

लूमर ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए लिखा कि पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन को शरण दी थी और वहां कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया जाता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह देश अमेरिका और भारत के लोगों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देता है. हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने उनकी इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. बता दें कि पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और आर्थिक केंद्र कराची में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को लेकर विरोध प्रदर्शन पहले भी होते रहे हैं.

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