Pristina: दक्षिण-पूर्वी यूरोप के बाल्कन क्षेत्र में स्थित आंशिक रूप से मान्यता प्राप्त और विवादित देश कोसोवो इन दिनों चर्चा में हैं. दरअसल, देश की संसद में शनिवार को एक विपक्षी सांसद ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री एल्बिन कुर्ती पर अंडे फेंक दिए. जिससे अफरा-तफरी मच गई. कुर्ती संसद में सरकार गठन को लेकर दूसरी पार्टियों से बातचीत के लिए अतिरिक्त समय मांग रहे थे. संसद में अंडे फेंके जाने की घटना ने कोसोवो के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक संकट को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.
‘शर्म करो’ के नारे लगाने शुरू
इसी दौरान विपक्षी सांसद ने अपने पर्स से अंडे निकाले और प्रधानमंत्री की ओर फेंकते हुए ‘शर्म करो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. कोसोवो की राजधानी प्रिस्टिना में नई संसद के गठन को लेकर बैठक चल रही थी. इसी दौरान कार्यवाहक प्रधानमंत्री एल्बिन कुर्ती सदन को संबोधित कर रहे थे. वह सरकार बनाने के लिए दूसरी राजनीतिक पार्टियों से बातचीत करने और राजनीतिक समझौता तलाशने के लिए समय मांग रहे थे.
सांसदों और पुलिसकर्मियों ने किया बीच-बचाव
तभी एलायंस पार्टी की सांसद टाइम काद्रिजाज ने अपने पर्स से अंडे निकाले और कुर्ती की तरफ फेंक दिए. सांसद ने इस दौरान ‘शर्म करो’ के नारे भी लगाए. घटना के बाद संसद में मौजूद कुर्ती की पार्टी के सांसदों और पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया. कोसोवो की संसद में चुनाव के बाद स्पीकर पद को लेकर भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है. इसी मुद्दे पर राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है.
बातचीत के लिए अतिरिक्त समय
कुर्ती स्पीकर पद के लिए कोई प्रस्ताव रखने से पहले अन्य दलों के साथ बातचीत के लिए अतिरिक्त समय चाहते थे. कुर्ती ने सांसदों से कहा कि अभी तक किसी तरह का राजनीतिक समझौता नहीं हुआ है और नए चुनाव से बचने के लिए उन्हें दूसरी पार्टियों से बातचीत करने का समय चाहिए. कोसोवो में जून में हुए चुनाव में कुर्ती की पार्टी वेटेवेंडोसजे सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई. उसे 120 सदस्यीय संसद में 58 सीटें मिलीं.
सरकार बनाने के लिए संख्या पर्याप्त नहीं
हालांकि, सरकार बनाने के लिए यह संख्या पर्याप्त नहीं है. सरकार बनाने के लिए कुर्ती को दूसरी पार्टियों का समर्थन हासिल करना जरूरी है. इसी वजह से कुर्ती नए चुनाव की स्थिति से बचने के लिए दूसरे दलों के साथ बातचीत कर रहे हैं. कुर्ती की पार्टी डेमोक्रेटिक लीग ऑफ कोसोवो (LDK) के साथ भी बातचीत कर रही है. LDK के पास 18 सीटें हैं. दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन राष्ट्रपति पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है.
अकेले दो-तिहाई बहुमत नहीं
राष्ट्रपति के चुनाव के लिए कुर्ती की पार्टी के पास अकेले दो-तिहाई बहुमत नहीं है. ऐसे में उन्हें अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन भी चाहिए. फिलहाल LDK ने गठबंधन समझौते के बदले राष्ट्रपति पद की मांग की है. हालांकि, कुर्ती ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया है. यही राजनीतिक मतभेद सरकार गठन की राह में बड़ी अड़चन बना हुआ है.
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