Jerusalem: उत्तरी इजराइल के मोशाव अविएल और तेल अवीव में शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. इस दौरान चारों ओर ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’ के जयकारे गूंजते रहे. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु यहां जुटे जिनमें अधिकांश यहूदी समुदाय के लोग थे. इजराइल के कृषि आधारित सामुदायिक गांव में स्थित सांस्कृतिक केंद्र शुक्रवार को कृष्ण और भारतीय रंग में रंग गया.
सीखे गए सिद्धांतों का पूरी निष्ठा से पालन
यह मोशाव उस कस्बे के पास स्थित है जहां भगवान कृष्ण के कुछ अनुयायी रहते हैं जिन्हें यहां आमतौर पर हरे कृष्ण के नाम से जाना जाता है. ये श्रद्धालु भारत की अपनी यात्राओं, विशेष रूप से वृंदावन और मायापुर की यात्राओं के दौरान सीखे गए सिद्धांतों का पूरी निष्ठा से पालन करते हैं. इन भक्तों के लिए ‘गौर पूर्णिमा’ और ‘जन्माष्टमी’ सबसे महत्वपूर्ण त्योहार हैं जिन्हें वे हर वर्ष पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं.
भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि
उनके इन आयोजनों में इजराइल में भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि रखने वाले कई अन्य लोग भी शामिल होते हैं. पास के एक शहर की रहने वाली तमार ने कहा कि मैं दो दशक से अधिक समय से हर साल जन्माष्टमी के इन आयोजनों में शामिल हो रही हूं. इस समूह ने भारतीय संस्कृति के प्रति मेरी रुचि को और गहरा किया है. आयोजन के दौरान भक्तों ने ‘एलोहिम प्लस’ (गॉड प्लस) नामक नाटक का मंचन भी किया.
दिव्य संबंध का संदेश प्रस्तुत
नाटक के माध्यम से राधा-कृष्ण के प्रेम, समर्पण और दिव्य संबंध का संदेश प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम का समापन अतिथियों को ‘कृष्ण प्रसाद’ परोसने के साथ हुआ. इस विशाल भोज में 108 प्रकार के शाकाहारी व्यंजन परोसे गए.
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