Kuwait Oil Cut : मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध अब ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर भी असर डालने लगा है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच कई तेल उत्पादक देश उत्पादन और निर्यात को लेकर बड़े फैसले ले रहे हैं. इसके साथ ही इन फैसलों से दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार कतर ने LNG के निर्यात को लेकर अहम फैसला लिया था. ऐसे में अब कुवैत ने भी तेल उत्पादन घटाने का ऐलान कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, कुवैत की सरकारी कंपनी Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने 7 मार्च को अपने एक जारी बयान में कहा कि क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों के कारण यह फैसला जोखिम प्रबंधन और व्यापार रणनीति के तहत लिया गया है. इसके साथ ही कंपनी ने यह नहीं बताया कि उत्पादन में कितनी कटौती की जाएगी.
कुवैत की सरकारी कंपनी का निर्णय
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत की सरकारी कंपनी ने कहा कि Strait of Hormuz में बढ़ते खतरे के कारण जहाजों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है. यही कारण है कि एहतियात के तौर पर तेल उत्पादन कम करने का निर्णय लिया गया है. इस मामले को लेकर कुवैत का कहना है कि अगर क्षेत्रीय हालात सामान्य होते हैं तो इस फैसले की फिर से समीक्षा की जाएगी और उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. बता दें कि कुवैत दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में उत्पादन और निर्यात पर असर पड़ा है. जानकारी के मुताबिक, जहाजरानी के जोखिम बढ़ने के कारण निर्यात मार्गों और भंडारण सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है.
पहले से ऊर्जा संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान
इतना ही नही बल्कि संयुक्त अरब अमीरात को लेकर भी अनुमान लगाए जा रहे हैं कि अगर समुद्री रास्तों में बाधा बनी रहती है तो यह भी उत्पादन कम करने वाला अगला बड़ा देश हो सकता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है. यहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है. बताया जा रहा है कि इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है. पाकिस्तान पहले से ही ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है.
कच्चे तेल और गैस का सीमित भंडार
रिपोर्ट का कहना है कि देश के पास कच्चे तेल और गैस का सीमित भंडार ही बचा है. यही कारण है कि स्थिति पहले से और भी गंभीर हो गई है क्योंकि कुछ ही समय पहले कतर ने पाकिस्तान को नोटिस भेजकर LNG सप्लाई रोकने की चेतावनी दी है. इस मामले को लेकर पाकिस्तानी ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक का कहना है कि अगर कतर की सप्लाई बंद होती है तो देश में ऊर्जा संकट और गहरा सकता है, क्योंकि पाकिस्तान की करीब 99 प्रतिशत LNG जरूरत कतर से पूरी होती है.
पाकिस्तान के लिए नई चुनौती
जानकारी के मुताबिक, कुवैत का तेल उत्पादन घटाने का फैसला भी पाकिस्तान के लिए नई चुनौती बन सकता है. बता दें कि पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है और कुवैत उसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है. आंकड़ों का कहना है कि पाकिस्तान कुवैत से हर दिन लगभग 40 हजार से 60 हजार बैरल तक पेट्रोलियम उत्पाद और कच्चा तेल आयात करता है.
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