New Delhi: केंद्र सरकार अब भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर एक्शन लेने जा रही है. भारत में अवैध रूप से रहने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी. बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में भारत सरकार ने 2680 से अधिक लोगों की लिस्ट बांग्लादेश को भेजी है. इन लोगों की नागरिकता का वेरिफिकेशन होने के बाद इन्हें तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा. यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी है.
कई मामले पिछले पांच साल से लंबित
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इनमें से कई मामले पिछले पांच साल से लंबित हैं. भारत ने बांग्लादेश से जल्द जवाब देने की उम्मीद जताई है ताकि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत इन अवैध नागरिकों को वापस भेजा जा सके. विदेश मंत्रालय की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन सीमा, यूक्रेन संकट और अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों पर भी अपडेट दिया गया.
2,680 से अधिक संदिग्ध लोगों की पहचान
विदेश मंत्रालय के अनुसार कानून के दायरे में रहकर सभी अवैध प्रवासियों से निपटा जाएगा. भारत ने 2,680 से अधिक ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान की है जो बांग्लादेशी हो सकते हैं. इन सभी के नाम और दस्तावेज बांग्लादेश सरकार के पास वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए हैं. वहां से हरी झंडी मिलते ही इन सभी को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. पिछले पांच सालों से यह वेरिफिकेशन रुका हुआ है.
मामले को तेजी से निपटाने के लिए बांग्लादेश पर दबाव
भारत ने अब इस मामले को तेजी से निपटाने के लिए बांग्लादेश पर दबाव बनाया है. अमेरिका में भारतीय नागरिकों के साथ हाल ही में हुई नस्लवाद की घटनाओं पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी तरह का नस्लवाद या भेदभाव पूरी तरह से अस्वीकार्य है. इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए बातचीत तेज हो गई है.
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