यूक्रेन पर हमले के दौरान रोमानिया में गिरा रूसी ड्रोन, बिल्डिंग में धमाका, दो लोग घायल, मची अफरा-तफरी

Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसने रूस और NATO के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है. यूक्रेन से युद्ध के दौरान रूसी ड्रोन रोमानिया की रिहायशी इमारत से टकरा गया. रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि 29 मई की रात एक ड्रोन उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ और पूर्वी शहर गलाती में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग की छत से टकरा गया. टक्कर के बाद जोरदार विस्फोट हुआ और आग लग गई.

सैन्य हेलीकॉप्टर को अलर्ट पर भेजा

घटना के बाद दो F-16 लड़ाकू विमान और एक सैन्य हेलीकॉप्टर को अलर्ट पर भेजा गया. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक दो लोग घायल हुए और करीब 70 लोगों को इमारत से बाहर निकालना पड़ा. रोमानिया ने कहा कि ड्रोन को रडार पर ट्रैक किया गया था और वह यूक्रेन सीमा के पास से उसके हवाई क्षेत्र में आया. रोमानिया NATO का सदस्य है. यूक्रेन पर हमले के दौरान रूसी ड्रोन पहले भी कई बार NATO देशों की सीमा के पास पहुंचे हैं, लेकिन किसी रिहायशी इमारत से टकराने की घटना बेहद संवेदनशील मानी जा रही है.

20 आधुनिक ग्रिपेन-E विमान भी खरीदने की योजना

अगर यह साबित होता है कि ड्रोन रूस का था, तो यह फिर से सवाल खड़ा करेगा कि यूक्रेन युद्ध की चिंगारी NATO क्षेत्र तक कितनी पहुंच चुकी है. इसी बीच स्वीडन ने घोषणा की कि वह यूक्रेन को 16 Saab JAS-39 Gripen C/D लड़ाकू विमान देगा. इसके अलावा यूक्रेन भविष्य में 20 आधुनिक ग्रिपेन-E विमान भी खरीदने की योजना बना रहा है. स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने कहा कि यूक्रेन ने अपनी वायुसेना के लिए ग्रिपेन को प्राथमिक विकल्प बताया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ करार दिया.

वह बड़े एयरबेस पर निर्भर

ग्रिपेन को शीत युद्ध के दौरान इस तरह डिजाइन किया गया था कि वह बड़े एयरबेस पर निर्भर न रहे. जहां F-16 जैसे लड़ाकू विमानों को लंबी और तैयार रनवे चाहिए होती है, वहीं ग्रिपेन हाईवे और छोटी पट्टियों से भी उड़ान भर सकता है. रूस लगातार यूक्रेन के एयरबेस निशाना बनाता रहा है. ऐसे में ग्रिपेन की यह क्षमता उसे खास बनाती है.

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