मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने दिए ईरान के साथ संभावित समझौते के संकेत, कहा- मान लिए कई शर्तें

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Middle East Crisis: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता जल्द हो सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के हालिया हमलों से ईरान की सेना और नेतृत्व कमजोर हुआ है, जिससे बातचीत तेज हुई है. ट्रंप ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि ईरान के साथ समझौता हो सकता है और यह जल्द ही हो सकता है.” उन्होंने बताया कि अमेरिका ईरान के साथ सीधे और परोक्ष दोनों तरह से बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा, “हम उनके साथ सीधे भी बात कर रहे हैं और माध्यमों के जरिए भी.”

ट्रंप ने इन बातचीतों को हाल के सैन्य हमलों से जोड़ा और दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि “हमने उनके 158 जहाज, पूरी नौसेना, वायुसेना और ज्यादातर मिसाइलों को नष्ट कर दिया.” उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों के बाद ईरान के नेतृत्व में बदलाव आया है. उनके अनुसार, “अब वहां नया नेतृत्व है, जो पहले से ज्यादा समझदारी से व्यवहार कर रहा है.”

ईरान ने मान ली अमेरिका की कई शर्तेे

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका की कई शर्तों को मान लिया है। उन्होंने कहा, “हमने उनसे 15 मांगें रखी थीं और ज्यादातर बातों पर वे सहमत हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को तेल देकर सद्भाव दिखाया है. “उन्होंने हमें तेल से भरे कई बड़े जहाज दिए हैं और आज भी 20 और जहाज देने की बात कही है, जिनकी आपूर्ति कल से शुरू होगी.” हालांकि, ट्रंप ने माना कि अभी अंतिम समझौते को लेकर पूरी तरह निश्चितता नहीं है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोहराया सख्त रुख

उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि समझौता हो जाएगा, लेकिन यह भी संभव है कि न हो.” अमेरिकी सैनिक भेजने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास कई विकल्प हैं. “हमारे पास वहां काफी सैन्य ताकत मौजूद है और हमारे पास कई विकल्प हैं.” ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उन्होंने सख्त रुख दोहराया. उन्होंने कहा कि “मैं नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो, क्योंकि अगर उनके पास यह होगा तो वे इसका तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं.”

ट्रंप ने दी चेतावनी

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने शर्तें नहीं मानीं तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने कहा कि “उन्हें परमाणु हथियार छोड़ने होंगे, तभी वे फिर से एक मजबूत देश बन सकते हैं. अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनका देश भी खतरे में पड़ सकता है.” उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के कई देश अब अमेरिका के साथ खड़े हैं. सऊदी अरब, कतर और यूएई सभी जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं और वे पूरी तरह हमारे साथ हैं.

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