Middle East Tension: ईरान के भीषण हमलों के बीच ब्रिटेन ने अरब सागर में तैनात की परमाणु सबमरीन, हमले की आशंका बढ़ी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Middle East Tension: ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉयल नेवी की न्यूक्लियर पावर वाली सबमरीन HMS Anson अरब सागर में पहुंच चुकी है. सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह पनडुब्बी क्रूज मिसाइलों से लैस है और जरूरत पड़ने पर ईरान पर हमला करने में सक्षम है.

मिसाइल और हथियारों से लैस सबमरीन

रिपोर्ट के अनुसार, HMS Anson में टॉमहॉक ब्लॉक IV लैंड-अटैक मिसाइलें और स्पीयरफिश हेवीवेट टॉरपीडो लगे हैं. माना जा रहा है कि यह उत्तरी अरब सागर के गहरे पानी में तैनात है, जिससे इसकी रणनीतिक क्षमता और बढ़ जाती है.

हमले की स्थिति में तैयार ब्रिटेन

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अगर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से मंजूरी मिलती है, तो इस सबमरीन को सतह के करीब लाकर मिसाइल दागने का आदेश दिया जा सकता है. इससे साफ है कि संघर्ष बढ़ने की स्थिति में ब्रिटेन के पास सैन्य विकल्प मौजूद हैं.

अमेरिका को बेस इस्तेमाल की अनुमति

डाउनिंग स्ट्रीट के बयान के अनुसार, ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है. इसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल की जा रही ईरानी मिसाइल साइट्स को निशाना बनाना है.

तनाव के बीच कूटनीतिक संतुलन की कोशिश

ब्रिटेन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग को सुरक्षित बनाए रखने की योजना पर काम कर रहा है. हालांकि, उसने यह भी कहा कि वह बड़े युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता.

ईरान की चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर किसी भी हमले में सहयोग न करे. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा.

सोशल मीडिया पर भी सख्त बयान

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी ब्रिटेन की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है और ईरान अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा.

ब्रिटेन का जवाब

ब्रिटेन ने इन आरोपों का विरोध करते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि वह ब्रिटिश बेस, इलाकों या हितों को निशाना न बनाए. साथ ही आगे तनाव बढ़ने के खतरे पर भी जोर दिया गया.

डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमले की कोशिश

हाल ही में ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के रणनीतिक बेस डिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. हालांकि दोनों ही अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं.

मिसाइल रेंज को लेकर बढ़ी चिंता

इस घटना ने ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि यह बेस ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर है. इससे लंबी दूरी तक हमले की संभावना का संकेत मिलता है.

रणनीतिक रूप से अहम बेस

डिएगो गार्सिया क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. यहां अमेरिकी बॉम्बर, न्यूक्लियर सबमरीन और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर तैनात रहते हैं.

यह भी पढ़े: कतर में हेलीकॉप्टर क्रैशः हादसे में छह लोगों की मौत, एक व्यक्ति लापता, तलाश जारी

Latest News

Shardiya Navratri 2026 4th Day: नवरात्रि के चौथे दिन ऐसे करें मां कूष्मांडा की आराधना, जानिए पूजा विधि

Shardiya Navratri 2026 4th Day: भगवती के उपासना का महापर्व नवरात्रि का समय चल रहा है. नवरात्रि के चौथे...

More Articles Like This

Exit mobile version