Iran vs Israel-US War: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यू-टर्न लेते हुए बड़ा फैसला किया है. स्टार्मर ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, ताकि ईरान के उन मिसाइल ठिकानों पर हमला किया जा सके जो Strait of Hormuz में जहाजों को निशाना बना रहे हैं.
शुरुआत में इस मांग को ठुकरा दिया था
दरअसल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुरुआत में इस मांग को ठुकरा दिया था. लेकिन जैसे ही ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की, उन्होंने अपना रुख बदलते हुए यह अनुमति दे दी. इस फैसले को विपक्ष की नेता केमी बेडेनोक ने “सबसे बड़ा यू-टर्न” बताया है. ब्रिटेन सरकार के अनुसार ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हमले और नाकेबंदी की स्थिति बनी हुई है.
जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी
तेल और गैस से जुड़े जहाजों पर खतरा बढ़ गया है. क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है. ब्रिटेन ने अमेरिका को इन प्रमुख Diego Garcia और RAF Fairford सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है. इन ठिकानों से अमेरिकी सेना ईरान के मिसाइल सिस्टम और क्षमताओं को कमजोर करने के लिए ऑपरेशन चला सकेगी.
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम करेगा ब्रिटेन
ब्रिटेन ने साफ किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम करेगा और अपने लोगों और सहयोगियों की रक्षा करेगा. लेकिन पूरे युद्ध में सीधे शामिल नहीं होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार ब्रिटेन और यूरोपीय देशों पर दबाव बना रहे हैं. वह चाहते हैं कि NATO देश खुलकर सैन्य कार्रवाई में शामिल हों.
Hormuz दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता
ट्रंप ने NATO को “पेपर टाइगर” और “कायर” तक कह दिया, क्योंकि कई देश सीधे युद्ध में उतरने से बच रहे हैं. Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है. रोज़ाना दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है. यहां किसी भी तरह का संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.
इसे भी पढ़ें. मथुरा में ईद पर बवाल: ‘फरसा वाले बाबा’ की हत्या का आरोप, हाईवे पर जाम, पथराव, सेना की टुकड़ी ने संभाला मोर्चा

