‘ईरान पसंद है, तो वहीं चले जाओ…’,आसिम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं काे दी चेतावनी  

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Pakistan Army Chief: ईरान-इजराइल जंग के कारण दुनियाभर में तनाव है. इसके साथ ही हर जगह तेल और गैस की कमी का सामना आम लोगों को करना पड़ रहा है. तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में कुछ लोग ईरान के समर्थन में तो कुछ लोग इसके विरोध में हैं. इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का एक बयान चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि शिया धर्मगुरुओं से कहा कि अगर आपको ईरान पसंद है, तो वहीं चले जाओ.

पाकिस्तान में अफ़रा-तफ़री फैलाने की इजाज़त नहीं

पाकिस्तान में एक इफ्तार पार्टी के दौरान सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के मुद्दे को लेकर धर्म गुरुओं से बातचीत चल रही थी. इसी दौरान उन्होंने शिया धर्मगुरुओं से कहा कि अगर आपको ईरान पसंद है, तो वहीं चले जाओ, हम किसी को भी, किसी दूसरे देश के प्रति अपनी वफ़ादारी की वजह से, पाकिस्तान में अफ़रा-तफ़री फैलाने की इजाज़त नहीं देंगे,जिसे शिया समुदाय ने अपमानजनक माना है.

मुनीर के बयान के बाद शिया नेताओं में बढ़ी नाराज़गी 

मुनीर के इस बयान के बाद शिया नेताओं में नाराज़गी बढ़ गई. उन्होंने इसे शिया-विरोधी सोच बताया है. धार्मिक नेता सैयद जवाद नदवी ने इसके खिलाफ विरोध जताते हुए इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से शिया समुदाय में गुस्सा है और सीधे तौर पर यह बयान एक समुदाय विशेष के विरोध में है.

शिया समुदाय काे विदेशाें से जाेडना गलत 

शिया समुदाय का कहना है कि उनकी निष्ठा पाकिस्तान के प्रति है और उन्हें इस तरह विदेशी देशों से जोड़ना गलत है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय का अहम योगदान रहा है. इस घटना के बाद देश में सांप्रदायिक माहौल को लेकर चिंता बढ़ गई है. इस पूरे मामले में शिया नेताओं ने ऐतिहासिक संदर्भ भी बताया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय की अहम भूमिका रही है और उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत है.

पाकिस्तान में गहराया माहौल

पाकिस्तान के सेना प्रमुख के इस बयान के बाद अब पाकिस्तान में माहौल गहराया है. लोगों का कहना है कि इस तरह के बयानां के जरिए शिया समुदाय के खिलाफ दबाव बनाया जा रहा है. यह भी कहा कि अब यहां के लोग अपने हिसाब से ही देशभक्ति की परिभाषा तय कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर गलत है.

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