मिडिल ईस्ट पर मंडरा रहे युद्ध के बादल! अमेरिका ने शुरू की सैनिकों की गुप्त शिफ्टिंग

Middle East : मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने सैन्य कर्मियों की आवाजाही शुरू कर दी है. इसके साथ ही अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को अज्ञात मिशनों के तहत ट्रांसफर किया जा रहा है. बता दें कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब ईरान के साथ संभावित सैन्य टकराव की आशंकाएं तेज हो गई हैं. मीडिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि पेंटागन अधिकारियों के हवाले से कतर स्थित अल उदीद एयरबेस से सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों को हटाया गया है.

बहरीन समेत और भी ठिकानों पर हलचल

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इसी तरह की हलचल बहरीन, इराक, सीरिया, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी देखी गई है. बता दें कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है. ऐसे में अधिकारियों ने आशंका जताते हुए कहा कि यदि पूर्ण युद्ध की स्थिति बनती है तो क्षेत्र में तैनात लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक ईरान के संभावित निशाने पर हो सकते हैं. इस मामले को लेकर सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि संभावित टकराव जून 2025 में अल उदीद पर हुए हमले से अलग हो सकता है, इस बार स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है.

ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने दी चेतावनी

बता दें कि ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो क्षेत्र में मौजूद उसके सभी सैन्य अड्डे और संपत्तियां वैध लक्ष्य मानी जाएंगी. इसी को देखते हुए अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है. साथ ही, दो विमानवाहक पोतों को ईरानी सीमा से सुरक्षित दूरी पर रखा गया है, रिपोर्ट के अनुसार, ये तैयारियां लंबे समय तक चलने वाले संभावित संघर्ष को ध्यान में रखकर की जा रही हैं. लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि तेहरान की मौजूदा पेशकशें ट्रंप को सैन्य कार्रवाई से रोकने के लिए नाकाफी नहीं मानी जा रहीं.

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