मुंबई अटैक के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा की आखिरी कोशिश भी नाकाम, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Tahawwur Rana: मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी और पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी याचिका खारिज होने के बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में फिर से एक नई याचिका दायर की है. इसमें भी तहव्वुर हुसैन राणा ने भारत में प्रत्यर्पण किए जाने से रोक लगाने की मांग की है. इस बार यह अर्जी चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स के समक्ष दाखिल की है.

बता दें कि पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक (64) तहव्‍वुर हुसैन राणा वर्तमान में लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है. तहव्‍वुर राणा ने 27 फरवरी को अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के एसोसिएट जस्टिस और नौवें सर्किट की सर्किट जस्टिस एलेना कागन के समक्ष ‘‘बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपात आवेदन’’ प्रस्तुत किया था.

न्‍यायमूर्ति ने अर्जी की अस्‍वीकार

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 6 मार्च को प्रकाशित एक नोट में कहा गया कि अर्जी न्यायमूर्ति कागन ने अस्वीकार की. राणा के वकीलों की ओर से गुरुवार को दाखिल अर्जी के अनुसार, तहव्‍वुर राणा ने पहले न्यायमूर्ति कागन के समक्ष पेश बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने संबंधी अपनी आपात अर्जी अब नवीनीकृत की है और अनुरोध करते हैं कि नवीनीकृत अर्जी चीफ जस्टिस रॉबर्ट्स के समक्ष पेश की जाए.

अपनी आपात अर्जी में तहव्‍वुर राणा ने 13 फरवरी की याचिका के गुण-दोष के आधार पर अपने प्रत्यर्पण और मुकदमा लंबित रहने तक भारत के समक्ष आत्मसमर्पण करने पर रोक लगाने की मांग की थी.

पहली अर्जी हो चुकी है सुप्रीम कोर्ट से खारिज

राणा की पहली अर्जी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है, जिसमें उसने तर्क दिया था कि भारत को उसका प्रत्यर्पण अमेरिकी कानून और यातना के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का उल्लंघन है, ‘‘ क्योंकि यह मानने के पर्याप्त आधार हैं कि यदि उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया तो याचिकाकर्ता को यातना दिए जाने का खतरा होगा.’’

याचिका में कहा गया, ‘‘ इस मामले में प्रताड़ित किए जाने की संभावना और भी अधिक है, क्योंकि याचिकाकर्ता मुंबई हमलों में आरोपी पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम है.’’ याचिका में यह भी कहा गया है कि उसकी गंभीर चिकित्सा स्थिति के कारण उसे भारतीय हिरासत केंद्रों में प्रत्यर्पित करना इस मामले में वास्तव में मौत की सजा है. जनवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका खारिज कर दी थी और उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी.

जानें तहव्वुर राणा के बारे में

आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा मूल रूप से पाकिस्तानी है, जो कि अब कनाडा का नागिरक है. इससे पहले वह अमेरिका के शिकागो का नागरिक भी रह चुका है. तहव्‍वुर राणा ने पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के पद पर करीब 10 साल तक काम किया है. बाद में वह नौकरी छोड़कर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया. आतंकी राणा ने मुंबई पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा और हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी की न केवल मदद की, बल्कि इस पूरी प्लानिंग का हिस्सा रहा. इस आतंकी हमले में लगभग 179 लोग मारे गए थे.

ये भी पढ़ें :- Donald Trump ने की सुनीता विलियम्स के बालों की तारीफ, अंतरिक्ष से वापसी के लिए Elon Musk को दिया ये काम

 

Latest News

01 March 2026 Ka Panchang: रविवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

01 March 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा...

More Articles Like This

Exit mobile version