New Delhi: भारत की सुरक्षा और जांच एजेंसियों को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. कुख्यात ड्रग तस्कर नवप्रीत सिंह को तुर्की से डिपोर्ट कराकर भारत वापस लाया गया है, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया. नवप्रीत ‘नवाब विर्क’ की फर्जी पहचान के सहारे न केवल तुर्की में छिपा हुआ था, बल्कि उसने वहां की नागरिकता तक हासिल कर ली थी.
मोदी सरकार का ऐतिहासिक मील का पत्थर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से दी. अपने पोस्ट में उन्होंने इसे मोदी सरकार का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया है. अमित शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पर्दाफाश करने के लिए उसकी हर गतिविधि की गहराई से जांच की और आखिरकार उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल की. अब उसे ड्रग्स तस्करी और अन्य मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
फर्जी पहचान का कवच
इसके अलावा शाह ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि कैसे नवप्रीत तुर्किए में छिपकर अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथमफेटामाइन जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों की तस्करी का अवैध कारोबार चला रहा था. फर्जी पहचान का कवच ओढ़ने के बावजूद वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन (आइस) जैसे घातक मादक पदार्थों की बड़ी खेप भेजने का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चला रहा था.
असली पहचान का पर्दाफाश
भारतीय खुफिया और जांच एजेंसियों ने लगातार तकनीकी निगरानी और पुख्ता इनपुट के आधार पर विदेशी धरती पर उसकी असली पहचान का पर्दाफाश किया और तुर्की प्रशासन से संपर्क साधकर उसके डिपोर्टेशन का रास्ता साफ कराया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर 2029 से पहले देश से हर बड़े ड्रग कार्टेल को जड़ से उखाड़ फेंकने के संकल्प के तहत यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है.
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