Kathmandu: नेपाल में 5 मार्च को आम चुनाव होने हैं. इससे पहले देश की तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों नेपाली कांग्रेस (NC), नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (CPN-U) और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने गुरुवार को अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्र जारी किए. हालांकि तीनों दलों ने पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण और संतुलित संबंधों पर जोर दिया है.
भारत और चीन के रणनीतिक हित
RSP ने माना कि नेपाल में भारत और चीन के रणनीतिक हित हैं और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहा है. ऐसे में नेपाल को सक्रिय और लचीली कूटनीतिक नीति अपनानी चाहिए, ताकि वह बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं के उदय से लाभ उठा सके. अपने घोषणा पत्र में संतुलित और गतिशील कूटनीति अपनाने की बात कही है. पार्टी ने नेपाल को बफर स्टेट से सक्रिय सेतु (वाइब्रेंट ब्रिज) में बदलने का संकल्प जताया है.
क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने की योजना
इसके तहत त्रिपक्षीय आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने की योजना है, विशेष रूप से भारत और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ. एनसी ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि उसकी विदेश नीति के तहत नेपाल किसी भी रक्षा, सैन्य या सुरक्षा संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा और न ही प्रमुख शक्तियों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में शामिल होगा. पार्टी ने समानता के आधार पर सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने के अपने पुराने सिद्धांत को दोहराया.
हितों को पहुंचे नुकसान
यूएमएल ने कहा कि उसके नेतृत्व में नेपाल किसी भी पड़ोसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखेगा और ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे उनके हितों को नुकसान पहुंचे. आगामी चुनावों में विदेश नीति, क्षेत्रीय संतुलन और पड़ोसी देशों के साथ संबंध प्रमुख मुद्दों में शामिल होते दिख रहे हैं. RSP की विदेश नीति को लेकर खास उत्सुकता थी. पार्टी ने पूर्व काठमांडू महानगरपालिका मेयर बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है.
इसे भी पढ़ें. PM Modi का आज का ‘सुभाषितम्’: क्या है उस ‘पूर्णता’ का रहस्य, जो बदल सकता है आपकी जिंदगी ?

