महिला आतंकियों को संवेदनशील भूमिकाओं में भी तैनात करेगा लश्कर-ए-तैयबा! PAK कर रहा बडा सााजिश

Must Read

Islamabad: पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा महिलाओं को ऑपरेशनल भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित कर रहा है. खबर है कि इन महिलाओं को भविष्य में संगठन की सक्रिय और संवेदनशील भूमिकाओं में भी तैनात किया जा सकता है. अब तक संगठन अपनी महिला विंग का इस्तेमाल मुख्य रूप से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित रखता था.

भवन के निर्माण की प्रक्रिया तेज

हालिया घटनाक्रम में महिला विंग प्रमुख इफ्फत सईद के बयान को इस नीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है. संगठन ने महिला कैडर के लिए एक विशेष मरकज (आतंकी अड्डा) भवन के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है, जहां उन्हें आतंकवादी गतिविधियों और ओवर ग्राउंड वर्कर जैसी जिम्मेदारियों के लिए प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है.

महिला कैडर की ट्रेनिंग के लिए विस्तारित

लश्‍कर के वरिष्ठ कमांडर कुख्‍यात आतंकवादी अब्दुर रऊफ ने इस्लामाबाद स्थित मरकज कुबा अल इस्लाम का दौरा किया था. बताया जा रहा है कि इस परिसर में पिछले कुछ महीनों से निर्माण कार्य जारी था और इसे विशेष रूप से महिला कैडर की ट्रेनिंग के लिए विस्तारित किया जा रहा था. इस दौरे को संगठन की रणनीति में संभावित बदलाव और महिला विंग को अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है.

क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण

सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिलाओं को ऑपरेशनल भूमिकाओं में शामिल किया जाता है तो इससे संगठन की कार्यप्रणाली और रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

आतंकवाद-रोधी प्रयासों के लिए नई चुनौतियां

विश्लेषकों का कहना है कि आतंकी संगठनों द्वारा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की कोशिशें वैश्विक स्तर पर नई नहीं हैं लेकिन इस तरह की पहल क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी प्रयासों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती हैं.

इसे भी पढ़ें. PM Modi का आज का ‘सुभाषितम्’: क्या है उस ‘पूर्णता’ का रहस्य, जो बदल सकता है आपकी जिंदगी ?

Latest News

सत्संग से विवेक की होती है प्राप्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जीवन में विवेक होना अति आवश्यक है। सत्संग से...

More Articles Like This