Kathmandu: इंटरपोल ने नेपाल सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी के अनुरोध को ठुकरा दिया है. यह फैसला नेपाल की मौजूदा सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. नेपाल सरकार मनी लॉन्ड्रिंग के कथित मामले में देउबा दंपति की जांच कर रही है. अदालत के वारंट के बाद देउबा और उनकी पत्नी को भगोड़ा घोषित किया गया था.
संभवतः हांगकांग में हैं देउबा
उनकी मौजूदा लोकेशन को लेकर सरकार ने आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन माना जा रहा है कि वे विदेश, संभवतः हांगकांग में हैं. इसी के तहत नेपाल के जांच एजेंसियों ने अदालत से वारंट मिलने के बाद इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पकड़ने की कोशिश की थी. लेकिन इंटरपोल ने इस अनुरोध को मंजूरी देने से इनकार कर दिया.
स्थिति पर स्पष्ट जानकारी भी मांगी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरपोल ने कहा कि आरोप अभी तक पर्याप्त रूप से साबित नहीं हुए हैं और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. इंटरपोल ने नेपाल सरकार से मामले से जुड़े कई अतिरिक्त विवरण और जांच की स्थिति पर स्पष्ट जानकारी भी मांगी है. नेपाल के डिपार्टमेंट ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग इन्वेस्टिगेशन ने 7 अप्रैल को काठमांडू जिला अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर यह अनुरोध भेजा था.
नकदी मिलने का वीडियो वायरल
हालांकि, इंटरपोल ने इसे अधूरा मानते हुए वापस लौटा दिया. यह मामला तब और चर्चा में आया था जब पिछले साल विरोध-प्रदर्शनों के दौरान देउबा के घर से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने का वीडियो वायरल हुआ था. हालांकि, Sher Bahadur Deuba ने इसे फर्जी बताते हुए कहा था कि यह कृत्रिम तकनीक से बनाया गया वीडियो है.
इसे भी पढ़ें. अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पर लगाई रोक, पाकिस्तानी पीएम ने जताया ट्रंप का आभार

