अमेरिका ने सीरिया पर किया बड़ा हवाई हमला, अल-कायदा के एक लीडर को मार गिराया

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Operation Hawkeye Strike: अमेरिका ने सीरिया में हवाई हमला कर अल-कायदा से जुड़े नेता को मार गिराया है. पिछले महीने सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें तीन अमेरिकी नागरिक मारे गए थे. वहीं जवाबी कार्रवाई में सेना ने सीरिया पर हवाई हमला किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले से जुड़े अल-कायदा के एक लीडर की मौत की पुष्टि की है.

नॉर्थ-वेस्ट सीरिया में की गई स्ट्राइक Operation Hawkeye Strike

यूएस सेंट्रल कमांड (सीईएनटीसीओएम) ने कहा कि यह स्ट्राइक 16 जनवरी को नॉर्थ-वेस्ट सीरिया में की गई थी और इसमें बिलाल हसन अल-जसीम की मौत हो गई. अमेरिकी अधिकारियों ने बिलाल को एक सीनियर आतंकी बताया. इसका आईएसआईएस के साथ सीधा कनेक्शन था. बिलाल का उस गनमैन से संबंध था, जो 13 दिसंबर को सीरिया के पल्मायरा में हुए हमले के लिए जिम्मेदार था. इस हमले में दो अमेरिकी सेवा सदस्य और एक अमेरिकी सिविलियन इंटरप्रेटर मारे गए थे. अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, “हम कभी नहीं भूलेंगे, और कभी हार नहीं मानेंगे.”

अमेरिका पर हमला करने वालों के लिए सुरक्षित जगह नहीं

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, “तीन अमेरिकियों की मौत से जुड़े एक आतंकी ऑपरेटिव की मौत हमारी सेना पर हमला करने वाले आतंकवादियों का पीछा करने के हमारे पक्के इरादे को दिखाती है. अमेरिकी नागरिकों और हमारे वॉरफाइटर्स पर हमले करने, उनकी साजिश रचने या उन्हें उकसाने वालों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है. हम तुम्हें ढूंढ निकालेंगे.”

ऑपरेशन को हॉकआई स्ट्राइक नाम दिया गया

दिसंबर में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमले के बाद सीरिया में अमेरिकी सैन्य एक्शन की सीरीज का ये सबसे नया मामला है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हमले के बाद से देश में आतंकवादी ठिकानों पर अमेरिकी सेना द्वारा जवाबी हमलों का यह तीसरा राउंड था. सीईएनटीसीओएम ने कहा कि यह नया ऑपरेशन 13 दिसंबर के हमले के बाद शुरू किए गए एक बड़े कैंपेन का हिस्सा था. इसका मकसद सीरिया में आईएसआईएस की क्षमताओं को कमजोर करना है. इस ऑपरेशन को हॉकआई स्ट्राइक नाम दिया गया है.

200 से ज्यादा सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया

एक बयान में, सीईएनटीसीओएम ने कहा कि अमेरिका और साझेदार सेनाओं ने ऑपरेशन के तहत सीरिया में 100 से ज्यादा आईएसआईएस इंफ्रास्ट्रक्चर और हथियार साइट टारगेट पर हमला किया. इसमें 200 से ज्यादा सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया. हमलों का मकसद इस समूह की अमेरिकी सेनाओं और उसके सहयोगियों के खिलाफ हमले की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की क्षमता को रोकना था.

20 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं

हवाई हमलों के अलावा, अमेरिका और साझेदार सेनाओं ने पिछले साल ग्राउंड ऑपरेशन तेज कर दिए. सीरिया में 300 से ज्यादा आईएसआईएस ऑपरेटिव पकड़े गए हैं, जबकि 20 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि दिसंबर में हुए हमले ने सीरिया में आईएसआईएस सेल से लगातार खतरे को दिखाया है. अमेरिकी सेना ने आईएसआईएस का मुकाबला करने के लिए सीरिया में अपने सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया है.

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