लश्कर के आतंकी ने खोली पाकिस्तान की पोल, ऑपरेशन सिंदूर में हुई तबाही को किया स्‍वीकार

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Operation Sindoor: जैश के बाद लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर कासिम ने पाकिस्तान की पोल खोली है. कासिम ने यह स्‍वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई की सुबह किए गए हमले में मुरिदके स्थित लश्कर मरकज को तबाह कर दिया गया था. साथ ही उसने ये भी कहा कि आतंकी शिविर का पुनर्निर्माण हो रहा है. जबकि पाकिस्तान हमले में हुए नुकसान को नकारता रहा है.

आतंकी ने दिखाए तबाही के निशान

कासिम के इस स्‍वीकारनामें का वीडियों भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे, जिसमें वो एक निर्माणाधीन जगह के पास खड़ा दिखाई दे रहा था. वीडियों में लश्कर कमांडर कासिम कहता हुआ दिखाई दे रहा है कि मैं मुरिदके में मरकज तैयबा के खंडहरों पर खड़ा हूं, जो भारतीय हमले में नष्ट हो गया था. इसके पुनर्निर्माण का काम चल रहा है. यह मस्जिद पहले से भी बड़ी बनाई जाएगी.

वीडियों में कासिम ने आगे कबूल किया कि इस मस्जिद में कई मुजाहिदीन और तलबाने प्रशिक्षण हासिल किया, जिसमें मुजाहिद और तलबा (छात्र) शामिल थे और वे यहां से फतह के लिए निकले. मुरिदके, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखूपुरा जिले में स्थित एक शहर है.

खुल गई पाकिस्तान सरकार की पोल

जबकि पाकिस्तान सरकार ने दावा किया था कि जिस इमारत को नष्ट किया गया, वह अब आतंकियों के लिए इस्तेमाल नहीं होती थी. वहीं, एक अन्‍य वीडियों में लश्कर के इस आतंकी ने पाकिस्तान के युवाओं से अपील की कि वे मुरिदके में मरकज तैयबा में होने वाले ‘दौरा-ए-सुफ्फा’ नाम के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हों.

क्‍या है दौरा-ए-सुफ्फा?

बता दें कि दौरा-ए-सुफ्फा एक आतंकी प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसमें धार्मिक सोच के साथ-साथ बुनियादी आतंकवादी प्रशिक्षण दिया जाता है. इसे जिहादी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी कहा जाता है.  लश्कर का यह मुरिदके वाला शिविर उन नौ आतंकी ठिकानों में शामिल था, जिन्हें भारतीय सेना ने 7 मई की रात को पाकिस्तान और पीओके में की गई एक बड़ी कार्रवाई में तबाह कर दिया था.

पाकिस्‍तान पैसे देकर बना रहा आतंकी ठिकाने

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर, हिज्बुल मुजाहिदीन के सियालकोट और लश्कर के बारनाला और मुजफ्फराबाद जैसे कई शिविरों को भी निशाना बनाया. इसके अलावा, एक दूसरे वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी यह दावा करता नजर आया कि पाकिस्तान की सरकार और सेना ने मुरिदके में आतंकियों के इस मुख्यालय को दोबारा बनाने के लिए पैसा दिया है.

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