Washington: अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित ओरेकल कॉर्पोरेशन ने एक बार फिर छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे भारत समेत कई देशों में कर्मचारियों पर असर पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है, जो कंपनी के कुल वर्कफोर्स का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है. यह कदम कंपनी के कंप्यूटिंग बिजनेस से जुड़े विभिन्न विभागों में उठाया गया है
कर्मचारियों को बिना किसी बातचीत के निकाला
20 साल की नौकरी के बाद भी कर्मचारियों को बिना किसी बातचीत के निकाल दिया गया. कई मामलों में कर्मचारियों को पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई. न HR से चर्चा हुई और न ही मैनेजर से कोई कॉल आया. कई कर्मचारियों को सुबह-सुबह ईमेल के जरिए नौकरी खत्म होने की जानकारी दी गई. कुछ मामलों में यह ईमेल सुबह 6 बजे तक भेज दिए गए, जिससे कर्मचारियों को अचानक झटका लगा.
नौकरी तुरंत प्रभाव से खत्म
कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें सुबह 5 से 6 बजे के बीच ईमेल मिला, जिसमें लिखा था कि उनकी नौकरी तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी गई है. इस अचानक फैसले ने कर्मचारियों को पूरी तरह चौंका दिया. ईमेल आने के तुरंत बाद उनका सिस्टम एक्सेस भी बंद कर दिया गया, जिससे उन्हें अपने काम से तुरंत अलग कर दिया गया. यह छंटनी भारत, अमेरिका और मेक्सिको समेत कई देशों में देखी जा रही है.
यह कदम कंपनी के AI पर बढ़ते फोकस का हिस्सा
खास तौर पर क्लाउड, इंजीनियरिंग और कंप्यूटिंग डिवीजन के कर्मचारियों पर इसका असर बताया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी के AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर बढ़ते फोकस का हिस्सा हो सकता है. Oracle अपने संसाधनों को डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए पुनर्गठित कर रही है.
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