New Delhi: पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच पहली बार एयर स्टाफ टॉक आयोजित की जा रही है. इसी बीच खबर है कि पाकिस्तान एयरफोर्स के एयर वाइस मार्शल Aurangzeb Ahmed पांच सदस्यीय टीम के साथ ढाका पहुंचे हैं. इस बैठक का मकसद दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना, सैन्य अनुभव साझा करना और रक्षा संबंधों को मजबूत करना बताया जा रहा है.
भारत के लिए रणनीतिक चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ता सैन्य संपर्क भारत के लिए रणनीतिक चिंता का विषय बन सकता है. खासकर तब, जब सीमा के नजदीक एयरबेस, रडार और ड्रोन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा हो. ऐसे में भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद करीबी नजर बनाए हुए है. पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में एयर कमोडोर शाह खालिद, अब्दुल गफूर बुजदार, ग्रुप कैप्टन मोहम्मद अली खान और विंग कमांडर हसन तारिक अजीज भी शामिल हैं.
औरंगजेब पाकिस्तान एयरफोर्स का चर्चित चेहरा
भारत के पड़ोसी बांग्लादेश में पाकिस्तान वायुसेना की बढ़ती सक्रियता ने नई रणनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है. खास बात यह है कि यही औरंगजेब अहमद पिछले साल भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान एयरफोर्स का चर्चित चेहरा माने गए थे. अब उनका बांग्लादेश दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कई सैन्य परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है.
रनवे विस्तार का काम तेज
पाकिस्तानी अधिकारी भारत सीमा के करीब स्थित लालमोनिरहाट और बोगुरा एयरबेस का दौरा कर सकते हैं. इन दोनों जगहों पर हाल के महीनों में एयर डिफेंस रडार लगाने और रनवे विस्तार का काम तेज हुआ है. लालमोनिरहाट एयरबेस भारत सीमा से लगभग 20 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है. वहीं बोगुरा एयरबेस के रनवे को बढ़ाकर 3.2 किलोमीटर किया जा रहा है.
JF-17 खरीद पर बातचीत
इस दौरे के बीच सबसे ज्यादा चर्चा पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच संभावित JF-17 लड़ाकू विमान सौदे को लेकर हो रही है. इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ढाका और इस्लामाबाद के बीच JF-17 खरीद पर बातचीत चल रही है. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान एयरफोर्स की यह टीम उसी डील को आगे बढ़ाने पहुंची है.
कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले बांग्लादेश एयरफोर्स में कथित तौर पर तहरीक-ए-पाकिस्तान मॉडल और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी. कई अधिकारियों और NCOs को हिरासत में लेकर कोर्ट मार्शल प्रक्रिया शुरू की गई है. हालांकि बांग्लादेश सरकार ने इस मामले पर ज्यादा आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है.
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