पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगने वाले अहम बॉर्डर को किया बंद, इस वजह से लिया फैसला

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pakistan-Afghanistan Border: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगने वाली एक प्रमुख बॉर्डर को अस्‍थाई रूप से अगले आदेश तक बंद कर दिया है. सुरक्षा का हवाला देते हुए पाकिस्‍तान ने ये कदम उठाया है. पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में शनिवार को हुए आत्मघाती हमले और अफगानिस्तान की सीमा से लगे प्रांत में झड़पों के बाद गुलाम खान बॉर्डर को अस्‍थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा…

पाकिस्तान के अधिकारी ने कहा, “हमले के बाद उत्तरी वजीरिस्तान में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और गुलाम खान सीमा को अनिर्दिष्ट समय के लिए बंद कर दिया गया है.” बता दें कि उत्तरी वजीरिस्तान जिले में शनिवार को हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 13 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, और कई अन्य घायल हुए थे.

अफगानिस्तान ने की सीमा बंद होने की पुष्टि

पाकिस्तान की ओर से लिए गए इस फैसले की अफगानिस्तान ने भी पुष्टि की है. अंतरिम अफगान सरकार के सीमा बलों के प्रवक्ता अबीदुल्ला फारूकी ने सीमा बंद किए जाने को लेकर कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस कदम के लिए कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया है. अबीदुल्‍ला फारूकी ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने क्रॉसिंग पर वाहनों को केवल वैकल्पिक मार्गों का इस्‍तेमाल करने का निर्देश दिया है.

पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला नाकाम

इस बीच जानकारी दें कि पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस ने एक बड़े आतंकी हमले की कोशिश को नाकाम करते हुए दो संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया है. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि खैबर पख्तूनख्वा पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने पेशावर शहर के उर्मर पयान इलाके में खुफिया जानकारी के आधार पर रातभर तलाशी अभियान चला. इस दौरान संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया गया.

ये भी पढ़ें :- Varanasi: 1 से 7 जुलाई तक जन्मे बच्चों को “ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट” और पौधे देगी योगी सरकार

 

Latest News

Bhadrapada Amavasya 2026: पितृ दोष से पाना चाहते हैं मुक्ति? भाद्रपद अमावस्या पर 7 स्टेप में करें पितरों का तर्पण

भाद्रपद अमावस्या 11 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पितरों का तर्पण, स्मरण और दान-पुण्य किया जाता है. जानिए 7 स्टेप में तर्पण की विधि.

More Articles Like This

Exit mobile version