Islamabad: पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत लगातार खराब होती जा रही है. इसी बीच दावा किया जा रहा है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है. हाल ही में एक कथित ऑडियो क्लिप से इमरान की सेहत को लेकर एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है. ऑडियो क्लिप अब सोशल मीडिया पर सामने आया है.
PM शहबाज और मुनीर पर गंभीर आरोप
दरअसल, यह ऑडियो पूर्व रॉ एजेंट और एनएसजी कमांडो लक्ष्मण उर्फ लकी बिष्ट द्वारा शेयर किया गया है, जिसमें पाकिस्तान सरकार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. वहीं सरकार ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रचार बताया है. इन आरोपों और पलटवारों के बीच पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उबाल पर नजर आ रही है.
इमरान को धीरे-धीरे कमजोर करने की कोशिश
ऑडियो में दावा किया गया है कि जेल प्रशासन पर सरकारी एजेंसियों और सेना से जुड़े तत्वों का प्रभाव है तथा इमरान खान को कथित रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से धीरे-धीरे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. उनके परिवार और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है. वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रचार बताया है.
सेना प्रमुख मुनीर होंगे जिम्मेदार
इससे पहले इमरान खान की बहन उज्मा खान ने प्रेस वार्ता में कहा था कि हालिया जेल मुलाकात के दौरान इमरान ने संदेश दिया कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सेना प्रमुख असीम मुनीर जिम्मेदार होंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि सेना प्रमुख और गृह मंत्री मोहसिन नकवी मिलकर उन्हें धीरे-धीरे मारने की योजना बना रहे हैं.
शहबाज ने आरोपों को किया खारिज
अलीमा खान ने दावा किया कि इमरान की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है. उन्हें निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही. नूरीन खान ने भी सेना नेतृत्व की आलोचना करते हुए इसे कानून के बिना राज बताया. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है. गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे पीटीआई का राजनीतिक स्टंट बताया.
इमरान खान की सेहत स्थिर
सरकार द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान की आंखों की रोशनी चश्मे के साथ सामान्य स्तर तक सुधर रही है. रिपोर्ट में उनकी सेहत को स्थिर बताया गया है. अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान की गिरफ्तारी और मुकदमों को लेकर पहले ही पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बना हुआ है. उनकी पार्टी समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
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