New Delhi: सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की है. भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान को पानी रोकने की कोशिश की तो इस्लामाबाद जवाब देने के लिए तैयार है. शहबाज शरीफ की सरकार में शामिल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इस्लामाबाद इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बोलते हुए बिलावल भुट्टो ने भारत पर पाकिस्तान का पानी रोकने का आरोप लगाया.
भारत पर पानी रोकने का आरोप
उन्होंने कहा, ‘हम नदियों के पानी से अपने जायज हिस्से से कोई समझौता नहीं करेंगे. पाकिस्तान अपने पानी के हिस्से और अधिकारों के लिए लड़ेगा. पानी के बहाव को रोकने की किसी भी कोशिश का मजबूती से जवाब दिया जाएगा.’ संयुक्त राष्ट्र और दूसरे अंतरराष्ट्रीय मंचों से गुहार लगाने वाले पाकिस्तान की गुहार को भारत ने खारिज करते हुए दुनिया के सामने दो टूक संदेश दिया कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते.
पहले सीमा पार आतंकवाद को खत्म करे
अगर पाकिस्तान को सिंधु का पानी चाहिए तो पहले सीमा पार आतंकवाद को खत्म करे. जब पाकिस्तान के सभी पैंतरे फेल हो गए तो अब वो फिर अपनी पुरानी और घिसी पिटी हरकतों पर उतर आया है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने सिंधु समझौते पर पहली बार ऐसा बयान नहीं दिया है.
भारत ने कई कदम उठाए
बिलावल भुट्टो पहले भी में नदियों में खून बहाने जैसे बयान दे चुके हैं. बीते साल अप्रैल में पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कदम उठाए थे. इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था. साल 1960 में हुई यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी का बंटवारा करती है. भारत से इस कदम से पाकिस्तान में जल संकट पैदा होने का खतरा है. ऐसे में इस्लामाबाद भड़का हुआ है और इसे युद्ध की कार्रवाई कह रहा है.
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