Pakistan Rain: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर, मोहमंद और नौशेरा जिलों में बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए. यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को दी. प्रमुख दैनिक ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि पेशावर के मट्टानी इलाके में छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. घायलों को अस्पताल ले जाया गया.
छत गिरने से एक ही परिवार के तीन लोग घायल
दरअसल, मियां गुजर और इस्लामाबाद कोरुना इलाकों में लोग बारिश के पानी में फंसे हुए थे. फैजी ने बताया कि नौशेरा के रहीमाबाद इलाके में छत गिरने से एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए. इनमें दो बच्चे और एक महिला शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए पब्बी अस्पताल ले जाया गया. मोहमंद जिले में बारिश से जुड़े हादसों में दो लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए. शहीद बांदा इलाके में एक लड़की की मौत हो गई, जब उसके घर का कमरा गिर गया.
इसी तरह एक्काघुंड के करारी इलाके में भी ऐसा ही हादसा हुआ, जिसमें पांच लोग घायल हो गए. बैजई इलाके के सरा खावा में एक आदमी की मौत हो गई, जब उसका कमरा भारी बारिश की वजह से गिर गया. बुधवार को मोहमंद जिले के पिंडियाली तहसील के दवेजाई दावत कोर इलाके में छत गिरने से चार लोग घायल हो गए. मोहमंद जिले में इस बार रिकॉर्ड बारिश हुई है और काफी नुकसान हुआ है.
बारिश ने ताेड़ा रिकॉर्ड
अधिकारियों के अनुसार, 2026 में यहां 151 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 2013 के 134 मिलीमीटर के पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा है. लगातार बारिश से निचले इलाके पानी में डूब गए और छोटे नाले भी उफान पर आ गए. कई लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए. सैकड़ों घर और दीवारें टूट गईं या खराब हो गईं. कई इलाकों की सड़कें भी बह गईं, जिससे लोग अलग-थलग पड़ गए और राहत कार्य में दिक्कत आई. बारिश की वजह से मवेशियों की मौत हो गई और खेतों की फसलें भी बर्बाद हो गईं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है.
बारिश के चलते खैबर पख्तूनख्वा में 442 घरों को नुकसान
पांच मार्च को प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने बताया था कि मार्च के आखिर से भारी बारिश के कारण छत और दीवार गिरने से अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है और 105 लोग घायल हुए हैं. पीडीएमए के मुताबिक, मरने वालों में 23 बच्चे, 17 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं. वहीं, घायलों में 45 पुरुष, 16 महिलाएं और 44 बच्चे हैं. खैबर पख्तूनख्वा में कुल 442 घरों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 382 घर आंशिक रूप से और 60 घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं.

