Islamabad: पाकिस्तान के रावलपिंडी में 21 वर्षीय ईसाई महिला सबा महबूब की उसके मुस्लिम पड़ोसी अदनान बट ने कथित तौर पर घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी ने महिला के 16 वर्षीय सौतेले भाई का अपहरण कर उसे हत्या का जुर्म कबूल करने के लिए भी मजबूर किया. सबा महबूब और उनकी दो बेटियां पिछले एक साल से अपनी मां और सौतेले परिवार के साथ रह रही थीं. उन्होंने अपने पति को उसकी गंभीर ड्रग की लत के कारण छोड़ दिया था.
कई बार बदतमीजी की कोशिश
अदनान बट ने कई बार उनके साथ बदतमीजी की कोशिश की थी, एक बार तो उसने बाजार जाते समय उनका रास्ता भी रोका था. दो बार उन्होंने खुद को बचाने के लिए उसे थप्पड़ भी मारा था, लेकिन इससे मामला और बिगड़ गया. सबा के भाई जोशुआ महबूब ने कहा कि मुझे लगता है कि सबा के इनकार ने उसके गुस्से को और भड़का दिया, जिसकी वजह से उसने उसकी हत्या कर दी.
सौतेले चाचाओं पर तानी बंदूक
3 सितंबर को रात 9 बजे बट कथित तौर पर घर में घुसा, सबा के सौतेले चाचाओं पर बंदूक तानी और उन्हें घर से चले जाने का आदेश दिया. उसके सौतेले भाई, अनूश ने बेबसी से देखा कि बट ने सबा को बार-बार थप्पड़ मारे और चिल्लाया कि उसने उसकी बेइज्जती की है. आखिरकार बट ने सबा के माथे पर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. अनूश को बंदूक की नोक पर रखा गया और मोटरसाइकिल पर बैठने के लिए मजबूर किया गया, जहाँ एक आदमी उसे बट के जीजा के घर ले गया.
हत्या का जुर्म कबूल नहीं किया
वहाँ, कई लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी कि अगर वह चुप नहीं रहा या हत्या का जुर्म कबूल नहीं किया. अनूश को अगले दिन शाम 5 बजे तक उनकी हिरासत में रखा गया, जब उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य शिकायत न करने पर सहमत हो गए. बाद में परिवार सबा का शव लेने अस्पताल गया और पुलिस को वहीं बुलाया ताकि अनूश का बयान दर्ज किया जा सके. उसे और उसके पिता को सुरक्षा हिरासत में रखा गया.
कोई आपराधिक इतिहास नहीं
पुलिस ने एक फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज की और आधिकारिक तौर पर इस घटना को अपराध माना. हालांकि बट की याचिका में कहा गया था कि वह अच्छे चरित्र वाला व्यक्ति है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड सामने आए, जिनमें ड्रग्स, अवैध हथियार, लड़ाई-झगड़े, चोरी, लूटपाट, डकैती और दंगे जैसे कई मामले शामिल थे. फिर भी बट को अदालत से गिरफ्तारी से पहले जमानत मिल गई. इस घटना के बाद समुदाय में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. ईसाई और मुस्लिम दोनों ही गुट बट की गिरफ्तारी और सबा के परिवार व उसकी छोटी बेटियों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं.
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