Syria: सीरिया के उत्तरी हिस्से में तनाव बढ गया है. उत्तरी हिस्से में कुर्द महिलाओं की पूरी महिला सैन्य टुकड़ी वुमेन्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (YPJ) ने सरकारी समर्थक बलों के सामने हथियार डालने से साफ इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि वे अपनी आजादी और पहचान के लिए लड़ती रहेंगी, चाहे हालात कितने ही मुश्किल क्यों न हों. पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालिया हमलों में हथियारबंद महिला लड़ाकों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही चिंतित कर दिया था.
लड़ाई में पूरी दुनिया का ध्यान खींचा
अब इसी तरह का तनाव सीरिया भी झेल रहा है. यह टकराव अब सिर्फ जमीन या सत्ता का नहीं रह गया है बल्कि कुर्द महिलाओं की पहचान, स्वायत्तता और उनके अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है. YPJ वही संगठन है जिसने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था. अपने चरम समय में इस संगठन में करीब 25,000 महिला लड़ाके मोर्चे पर तैनात थीं. ये महिलाएं अमेरिका और ब्रिटेन समर्थित कुर्द सैन्य गठबंधन का हिस्सा थीं.
एक अघोषित स्वायत्त प्रशासन स्थापित
उन्होंने ISIS से बड़े इलाकों को मुक्त कराया और वहां एक अघोषित स्वायत्त प्रशासन स्थापित किया, जहां आज लगभग 40 लाख लोग रहते हैं. इस इलाके में स्कूलए स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था कुर्द नेतृत्व के तहत चल रही थी. इस साल की शुरुआत से हालात तेजी से बदले. नई सीरियाई सरकार ने कुर्द इलाकों पर बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया.
सत्ता-साझेदारी समझौते के लिए मजबूर
इस कार्रवाई में कुर्दों को अपने करीब 80 फीसदी इलाके खोने पड़े. इसके बाद उन्हें युद्धविराम और एक असमान सत्ता-साझेदारी समझौते के लिए मजबूर होना पड़ा. हालांकि YPJ ने साफ कह दिया है कि वह इस समझौते से बंधी नहीं है और अपनी लड़ाई जारी रखेगी. जिस युद्धविराम पर कुर्द नेतृत्व और दमिश्क सरकार सहमत हुए हैं, उसमें YPJ का नाम तक शामिल नहीं है.
कुर्द महिलाओं को भरोसा नहीं
इसके बावजूद YPJ की प्रवक्ता रुक्सेन मोहम्मद ने कहा है कि उनका संगठन कुर्द सैन्य ढांचे के भीतर एक स्वतंत्र सशस्त्र इकाई के रूप में काम करता रहेगा. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्तमान राष्ट्रपति अहमद अल-शारा पहले अल-कायदा से जुड़े संगठन जबहत अल-नुसरा के नेता रह चुके हैं और सीरिया के शुरुआती गृहयुद्ध में उनकी टुकड़ियों ने सीधे YPJ से लड़ाई की थी. इसलिए कुर्द महिलाओं को उन पर भरोसा नहीं है.
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