PM Modi Ethiopia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में मंगलवार को यानी आज इथियोपिया जाएंगे. यह यात्रा इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के निमंत्रण पर हो रही है. मंगलवार से शुरू हो रही यह राजकीय यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया की पहली यात्रा होगी, जो भारत-इथियोपिया संबंधों के बढ़ते रणनीतिक महत्व को दिखाती है.
पीएम मोदी और अबी अहमद के बीच होगी द्विपक्षीय वार्ता
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अबी अहमद के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से बातचीत होगी. इसमें राजनीतिक सहयोग, विकास कार्यों में साझेदारी, व्यापार, निवेश और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने जैसे विषय शामिल होंगे. ग्लोबल साउथ के साझेदार होने के नाते, दोनों नेताओं से आपसी दोस्ती को और मजबूत करने तथा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताने की उम्मीद है.
अदीस अबाबा में चल रही पीएम मोदी के स्वागत की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत की तैयारियां इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में जोरों पर हैं. शहर में स्वागत पोस्टर, होर्डिंग और भारतीय झंडे लगाए गए हैं. वर्ष 2011 के बाद यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इथियोपिया की यात्रा पर जा रहा है, जिससे वहां खास उत्साह देखा जा रहा है.
दोनों देशों के बीच मजबूत होंगे संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अपना तीन देशों का दौरा शुरू किया और मंगलवार को उनके इथियोपिया पहुंचने का कार्यक्रम है. इथियोपिया के बाद वे अपने दौरे के अंतिम चरण में ओमान जाएंगे. इथियोपिया को अफ्रीका और ग्लोबल साउथ में भारत का एक भरोसेमंद और अहम साझेदार माना जाता है. इस यात्रा से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है.
इथियोपिया की संसद को संबोधित करने के लिए पीएम मोदी उत्सुक
यात्रा से पहले दिए गए अपने बयान में सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अफ्रीकी संघ के मुख्यालय के रूप में अदीस अबाबा के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान वर्ष 2023 में अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था. उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री अबी अहमद से विस्तृत चर्चा करने, भारतीय समुदाय से मिलने और इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने को लेकर उत्सुक हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं ‘लोकतंत्र की जननी’ के रूप में भारत की यात्रा और भारत-इथियोपिया साझेदारी ग्लोबल साउथ में क्या मूल्य ला सकती है, इस पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हूं.”
बता दें कि प्रधानमंत्री अबी अहमद पिछले वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलनों में एक प्रमुख भागीदार रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने और अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
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