PM Modi Israel Visit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2 दिवसीय इजरायल दौरे के दौरान अमेरिका ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाते हुए पहली बार अपने अत्याधुनिक F-22 रैप्टर लड़ाकू विमानों को इजरायल में तैनात किया है. बता दें कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्षेत्र में ईरान को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है.
इस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के नेगेव रेगिस्तान स्थित ओवदा एयरबेस पर अमेरिका के 11 F-22 रैप्टर जेट उतारे गए हैं. इसे मुख्य रूप से ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. इस मामले को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह तैनाती संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी का संकेत भी हो सकती है.
इस विमान की खासियत
प्राप्त जानकारी के अनुसार इतिहास में पहली बार अमेरिका ने बिना किसी संयुक्त अभ्यास या प्रशिक्षण कार्यक्रम के सीधे परिचालन या संभावित war-oriented missions के मकसद से इजरायली धरती पर अपने लड़ाकू विमान तैनात किए हैं. यह कदम दोनों देशों के बीच गहरे होते सामरिक सहयोग को भी दर्शाता है. इसके साथ ही F-22 रैप्टर पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे दुनिया के सबसे घातक और एडवांस फाइटर जेट में गिना जाता है.
इजरायल और ईरान के बीच तनाव
बता दें कि अमेरिका ने इस विमान को न तो इजरायल और न ही किसी अन्य नाटो देश को निर्यात किया है, इसकी वजह से इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है. जानकारी के मुताबिक, इस घटनाक्रम को पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है.
दोनों देशों के बीच वृद्धि और प्रगति
इसके साथ ही अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत करेंगे और इजरायल की संसद को संबोधित करेंगे. इतना ही बल्कि भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ बातचीत करेंगे. बता दें कि इजरायल यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत और इजरायल एक मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं, जिसमें उल्लेखनीय वृद्धि और प्रगति देखी गई है.
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