BPL से बाहर नहीं हुईं बल्कि खुद हटी रिद्धिमा पाठक!, बोलीं-मेरा देश सबसे पहले इसलिए लिया यह फैसला

Must Read

Dhaka: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों खासकर हिन्दुओं पर हो रहे हमलों के बीच क्रिकेट जगत से जुडी एक खबर ने सबका ध्यान खींचा है. भारतीय महिला स्पोर्ट्स प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के आगामी सीजन से खुद को अलग करने का फैसला लिया है. उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला उनका खुद का है और इसके पीछे देश और क्रिकेट के प्रति सम्मान की भावना है. रिद्धिमा के इस कदम को साहसिक माना जा रहा है. रिद्धिमा ने सोशल मीडिया पर खुद इस बारे में अपनी सफाई दी है.

BPL से हटाया नहीं गया

रिद्धिमा पाठक ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए यह स्पष्ट किया कि उन्हें BPL से हटाया नहीं गया है. उन्होंने खुद आगामी सीजन में हिस्सा न लेने का फैसला किया है. रिद्धिमा ने कहा कि उनके लिए देश सबसे पहले आता है और क्रिकेट किसी भी असाइनमेंट से ऊपर है. उन्होंने यह भी कहा कि खेल में सच्चाई और सम्मान सबसे अहम होते हैं. बीते कुछ समय से चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए उन्होंने साफ किया कि वह हमेशा ईमानदारी और खेल भावना के साथ खडी रहेंगी.

टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान मिली खास पहचान

रिद्धिमा पाठक को देश भर में खास पहचान टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान मिली. इस दौरान उन्होंने पूर्व भारतीय आइस हॉकी खिलाड़ी वीरेन रस्किन्या के साथ मिलकर भारतीय हॉकी टीम का विश्लेषण किया. उनकी स्पष्ट भाषा और खेल की गहरी समझ ने दर्शकों को प्रभावित किया. इसके बाद उन्हें एक सशक्त महिला स्पोर्ट्स प्रेजेंटर के रूप में जाना जाने लगा.

बचपन से ही आत्मविश्वासी और सक्रिय रही हैं रिद्धिमा

रिद्धिमा पाठक का जन्म 17 फरवरी 1990 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था. मौजूदा समय में उनकी उम्र 35 साल है. बचपन से ही वह आत्मविश्वासी और सक्रिय रही हैं. पढाई के साथ साथ उन्हें बोलने और मंच पर आने का शौक था. यही वजह रही कि आगे चलकर उन्होंने मीडिया और आर्ट्स की दुनिया को अपना करियर चुना. आज वह मॉडल एक्टर वॉइस आर्टिस्ट और टीवी एंकर के तौर पर पहचानी जाती हैं.

इसे भी पढ़ें. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका का नया फरमान, इन देशों से तोड़ो रिश्ते, वरना…

Latest News

‘SACHET’: मोबाइल पर अचानक बचने लगा सायरन, खतरा या चेतावनी? सरकार ने बताई इसकी बड़ी वजह…!

Cell Broadcast System: भारत सरकार देश में एक ऐसा सिस्टम लागू कर रही है, जिसका मकसद आपदा या आपात...

More Articles Like This