‘पहले अपना घर संभालो’, रूसी विदेश मंत्री लावरोव की जापान को फटकार, दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज

Moscow:  रूस और जापान के बीच विवादित कुरिल द्वीपों को लेकर तनाव एक बार फिर बढ गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इतुरुप द्वीप दौरे पर जापान के विरोध के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने टोक्यो को ही अपने मामलों पर ध्यान देने की सलाह दे दी. पुतिन की यात्रा और उसके बाद दोनों देशों की तीखी बयानबाजी ने इस पुराने क्षेत्रीय विवाद को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है.

सैन्य कदमों से ध्यान भटकाने का आरोप

लावरोव ने जापान पर रूस के खिलाफ बयानबाजी के जरिए अपने सैन्य कदमों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. लावरोव ने कहा कि जापान को रूस पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाने के बजाय अपने घरेलू मामलों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने जापान और अमेरिका की करीबी साझेदारी का भी जिक्र करते हुए कहा कि टोक्यो अंतरराष्ट्रीय कानून को अपने हितों के मुताबिक बदलने की कोशिश कर रहा है.

जापान की सैन्य नीति में हो रहे बदलावों पर भी निशाना

रूसी विदेश मंत्री ने जापान की सैन्य नीति में हो रहे बदलावों पर भी निशाना साधा. उनके मुताबिक, जापान के तीन गैर-परमाणु सिद्धांत कमजोर हो रहे हैं और उसकी सेना अब विदेशों में सैन्य अभियान चलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसे पहले संविधान के तहत प्रतिबंधित माना जाता था. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 13 अगस्त को इतुरुप द्वीप का दौरा किया. यह उनका इस विवादित द्वीप का पहला दौरा था. जापान इसे एतोरोफू कहता है और पूरे दक्षिणी कुरिल द्वीप समूह को ‘नॉर्दर्न टेरिटरीज’ के नाम से अपना क्षेत्र बताता है.

रूस के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज

पुतिन के दौरे के बाद जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने रूस के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया. टोक्यो का कहना है कि इन द्वीपों पर उसका ऐतिहासिक दावा है. इस विवाद के बीच रूसी विदेश मंत्रालय ने जापान के राजदूत अकीरा मुतो को तलब किया था. हालांकि, मुतो ने स्वास्थ्य संबंधी निजी कारणों का हवाला देते हुए उस समय मंत्रालय में आने की पुष्टि नहीं की.

जापानी राजदूत की तबीयत अचानक बेहतर

इसके बाद रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि जापानी राजदूत की तबीयत अचानक बेहतर हो गई है और वह मंगलवार को रूसी विदेश मंत्रालय पहुंचेंगे. इससे दोनों देशों के बीच राजनयिक तनातनी और बढ़ने के संकेत मिले हैं. कुरिल द्वीपों को लेकर रूस और जापान के बीच विवाद दशकों पुराना है.

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