Ukraine Russia War: रूस और यूक्रेन जंग के बीच शांति की उम्मीदें भी बढ गई हैं. अब यूक्रेन ने रूस को प्रस्ताव दिया है कि दोनों पक्ष काला सागर में नागरिक ठिकानों और जहाजों पर हमले रोक दें. रॉयटर्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव तीसरे पक्ष के जरिए रूस तक पहुंचाया गया है. मामला इसलिए अहम है क्योंकि रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे पर काला सागर में जहाजों और बंदरगाहों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं.
सीधा असर अनाज निर्यात पर पड़ा
इस कारण यूक्रेन के ओडेसा इलाके के बंदरगाहों पर हमलों के कारण जहाज मालिकों ने कई जगह आना-जाना कम कर दिया है. इसका सीधा असर अनाज निर्यात पर पड़ा है. गुरुवार को खबर आई कि यूक्रेन ने ड्रोन हमले में रूस के एक बंदरगाह पर तबाही मचाई, जिससे रूस का गेहूं निर्यात रुक गया. वहीं दूसरी तरफ अगस्त में यूक्रेन के अनाज निर्यात में पिछले साल के मुकाबले 76 फीसदी की गिरावट बताई गई है. रूस ने भी यूक्रेन के हमले के बाद नोवोरोस्सिय्स्क बंदरगाह के तीनों टर्मिनलों पर बुधवार और गुरुवार को काम रोक दिया था.
कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला
रूस के उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर ग्रुश्को ने कहा कि मॉस्को को काला सागर में युद्धविराम को लेकर कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है. क्रेमलिन और रूसी विदेश मंत्रालय ने भी यूक्रेन के नए प्रस्ताव पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इस बीच यूरोप में भी युद्ध का असर दिख रहा है. इटली के कोलेफेरो में यूक्रेन को 155 एमएम के तोप के गोले देने वाली केएनडीएस एमो इटली की फैक्ट्री में 13 अगस्त को बड़ा धमाका हुआ. आग लगी, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
रूस-यूक्रेन जंग का नया मोर्चा
कंपनी ने घटना की जांच शुरू कर दी है. वहीं यूक्रेन के ओडेसा इलाके में रूसी ड्रोन हमले में एक यात्री ट्रेन के चालक और सहायक चालक की मौत की भी खबर है. काला सागर फिर रूस-यूक्रेन जंग का नया मोर्चा बनता दिख रहा है. कुछ दिन पहले रूसी ड्रोन रोमानिया के समुद्री इलाके तक पहुंच गए थे. इस घटना के बाद नाटो और रूस में भिड़ंत होते-होते बची है. ड्रोन को आता देख नाटो सदस्य देश रोमानिया को अपने इलाके और अहम ऊर्जा परियोजना की सुरक्षा के लिए इन्हें तबाह करना पड़ा. बाद में इन ड्रोन्स को नष्ट कर दिया गया.
इसे भी पढ़ें. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया सावरकर से जुड़ा मानहानि का केस